देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने यू.पी.ई.एस. विश्वविद्यालय, देहरादून में ‘बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स ट्रेनिंग सेंटर’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा जारी ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन रिपोर्ट का भी अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय और बजाज ऑटो लिमिटेड की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केंद्र युवाओं को उद्योग के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स ट्रेनिंग सेंटर एक व्यावहारिक, उद्योग-संरेखित केंद्र है, जिसका उद्देश्य डिप्लोमा और बी.टेक छात्रों को तेजी से बदलते औद्योगिक परिदृश्य के अनुरूप कौशल प्रदान करना है। मेकाट्रॉनिक्स, टिक्स और ऑटोमेशन, मोशन कंट्रोल और सेंसर टेक्नोलॉजी, तथा इंडस्ट्री 5.0 और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित यह केंद्र छात्रों की रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा, कक्षा और वास्तविक दुनिया के बीच की दूरी को कम करेगा, और उन्हें भविष्य के लिए तैयार पेशेवर बनाएगा।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह केंद्र छात्रों को मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन और आधुनिक इंजीनियरिंग कौशलों में दक्ष बनाएगा, जिससे वे डिग्री प्राप्त करने से पहले ही इंडस्ट्री रेडी बन सकेंगे। उन्होंने इसे उत्तराखण्ड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक आदर्श पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र केवल यू.पी.ई.एस. के छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों और आईटीआई के विद्यार्थियों के लिए भी एक अवसर के रूप में है जिससे अधिक से अधिक युवाओं को इसका लाभ मिल सकेगा।
राज्यपाल ने बजाज ऑटो लिमिटेड की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान द्वारा प्रथम चरण में अत्याधुनिक मशीनों की स्थापना की गई है तथा भविष्य में इसे और विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की पहल देश के अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी अपनाई जानी चाहिए। इस अवसर पर राज्यपाल ने यू.पी.ई.एस. द्वारा जारी इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट 2024-25 तथा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन रिपोर्ट की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और पारिस्थितिकी के प्रति हमारी जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस दिशा में विश्वविद्यालय का यह प्रयास सराहनीय है।
राज्यपाल ने कहा कि 21वीं सदी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, ऑटोमेशन और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उद्योग जगत से अपेक्षा की कि वे छात्रों को इन उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करें, ताकि युवा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। यू.पी.ई.एस. के कुलपति डॉ. सुनील राय ने कहा, एक ‘‘यूनिवर्सिटी फॉर टुमॉरो’’ के रूप में, हम संस्थान के हर आयाम में प्रभाव को शामिल कर रहे हैं, जिसे कठोरता से मापा जाता है और निरंतर बेहतर बनाया जाता है। उद्घाटन समारोह में बजाज ऑटो लिमिटेड के चीफ ह्यूमन रिसोर्सेस ऑफिसर, रवि किरण रामासामी ने भी संबोधित किया और कौशल विकास, रोजगार क्षमता तथा इंजीनियरिंग स्नातकों से उद्योग की बदलती अपेक्षाओं पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन यू.पी.ई.एस. के अध्यक्ष डॉ. राम शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर अध्यक्ष एचईआरएस डॉ. शरद मेहरा, रजिस्ट्रार यू.पी.ई.एस. मनीष मदान, सेंटर हेड यू.पी.ई.एस. डॉ. सचिन शर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथि, संकाय और कर्मचारी उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर
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