15.1 C
Dehradun
Monday, March 23, 2026


spot_img

उत्तराखंड: बर्फबारी के चलते भारत- चीन सीमा पर दो पोर्टर लापता, मदद के लिए पहुंची वायु सेना

उत्तरकाशी: उत्तरकाशी से लगी भारत-चीन सीमा पर तीन पोर्टरों के लापता होने की सूचना है। तीनों पोर्टर आईटीबीपी की टीम के साथ सीमा पर लंबी दूरी गश्त के लिए रवाना हुए थे। जो वापसी के दौरान रास्ता भटक गए। बर्फबारी होने से मंगलवार देर शाम तक भी इन पोर्टरों का कोई पता नहीं चल पाया। जिसके बाद आईटीबीपी ने इन पोर्टरों को तलाशने के लिए वायु सेना और राज्य आपदा प्रबंधन से मदद मांगी है।

नागा और नीलापानी चौकी से भी बुधवार की सुबह 20-20 आईटीबीपी जवानों की टीम खोज और बचाव के लिए रवाना हुई है। राहत-बचाव अभियान में बर्फ रुकावट पैदा कर रहा है। यहां छह फीट बर्फ पड़ी हुई है। जिस वजह से अभियान में बाधा आ रही है।जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि लंबी दूरी गश्त के लिए 15 अक्टूबर को तीन पोर्टरों के साथ आईटीबीपी की टीम भारत-चीन सीमा स्थित नीलापानी चौकी से सीमा के लिए रवाना हुई थी।

इस टीम में उत्तरकाशी जनपद के तीन पोर्टर भी थे। गश्त के बाद टीम वापस लौटी। टीम के साथ पोर्टर भी वापस लौट रहे थे, लेकिन 17 अक्तूबर को बर्फबारी होने के कारण पोर्टर आईटीबीपी की टीम से बिछड़ गए। इन पोर्टरों को 18 अक्तूबर को वापस नीलापानी स्थित भारत तिब्बत सीमा पुलिस की चौकी पर लौटना था।आईटीबीपी की टीम ने पोर्टरों को तलाश करने के लिए 18 और 19 अक्तूबर को राहत-बचाव अभियान चलाया। लेकिन पोर्टरों का कोई पता नहीं चल पाया। पोर्टरों की तलाश के लिए 18 अक्तूबर को पांच अन्य पोर्टर को भी संसाधनों सहित भेजा गया है।

उन पोर्टरों से भी आईटीबीपी की टीम का संपर्क नहीं हुआ है, लेकिन पांच पोर्टरों के पास संसाधन होने के कारण उनके सुरक्षित होने की उम्मीद है। अभी आईटीबीपी की पहली प्राथमिकता तीन पोर्टरों को तलाशने की है। मंगलवार शाम को आईटीबीपी ने राज्य आपदा प्रबंधन से पोर्टरों की तलाश के लिए सहायता मांगी। हालांकि आपदा प्रबंधन के पास इस तरह के हेलीकॉप्टर नहीं हैं जो चार हजार मीटर से लेकर साढ़े चार हजार मीटर तक की ऊंचाई पर रेस्क्यू कर सकें।

आईटीबीपी के सूत्रों ने बताया कि उन्होंने पोर्टरों की खोज के लिए वायु सेना से भी संपर्क किया है। वायु सेना का हेलीकॉप्टर मंगलवार शाम को जौलीग्रांट पहुंच गया है। जिससे उनकी तलाश की जाएगी।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यों और केंद्र को जेल स्थिति के ताजा आंकड़े प्रस्तुत करने...

0
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जेल की स्थिति से संबंधित ताजा आंकड़े 18 मई तक प्रस्तुत करने...

भारत अपनी तकनीकी जरूरतों के साथ ग्लोबल साउथ की उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मांग भी...

0
देहरादून: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विश्वास व्‍यक्‍त किया है कि भारत न केवल अपनी तकनीकी जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि ग्‍लोबल साउथ...

15 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल के कनेक्शन पहुंच चुके...

0
देहरादून: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा है कि 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल के कनेक्शन पहुंच...

देश भर में आवश्यक ईंधन की कोई कमी नहीं: पेट्रोलियम मंत्रालय

0
देहरादून: सरकार ने आश्वस्त किया है कि देश भर में आवश्यक ईंधन की कोई कमी नहीं है, तेल शोधन संयंत्र पूरी क्षमता से काम...

एफआरआई देहरादून के राष्ट्रीय वानिकी कार्यक्रम में उपग्रह-आधारित वन निगरानी प्रणालियों को शामिल करने...

0
देहरादून। “सतत वन-आधारित जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देनेः मुद्दे और चुनौतियाँ“ विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला आईसीएफआरई देहरादून में संपन्न हुई। इसमें नीति-निर्माता, वैज्ञानिक, उद्योग प्रतिनिधि...