देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो गई है। धामी मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 6 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। मुख्य रूप से धामी मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड राज्य में महक क्रांति नीति तैयार किए जाने को मंजूरी दे दी है।
उत्तराखंड राज्य में लंबे समय से महक क्रांति नीति तैयार करने की चर्चा चल रही थी। जिसकी मुख्य वजह यही है कि सौगंध पौधा केंद्र की ओर से लगातार रिसर्च किया जा रहा है। साथ ही हाल ही में सौगंध पौधा केंद्र की ओर से तिमरु से परफ्यूम भी तैयार किया गया जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को काफी अधिक पसंद आया था। ऐसे में उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में सगन्ध फसलों के उत्पादन को बढ़ाने और इसके इस्तेमाल को बढ़ाए जाने पर जोर देना चाहती है। इसके लिए राज्य सरकार ने तमाम पहलुओं को शामिल करते हुए महक क्रांति नीति तैयार करने का निर्णय लिया है। प्रदेश में सगन्ध खेती को स्थापित किया जा सके।
महक क्रांति नीति के पहले चरण में अगले 10 साल यानी 2026 से 2036 तक के सशक्त उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने के लिए तैयार किया जाएगा। यही नहीं उत्तराखंड राज्य में सगन्ध खेती को बढ़ावा देने के लिए अच्छी खासी सब्सिडी का भी प्रावधान किया जाएगा। राज्य में सगन्ध फसलों के पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना करना, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सगन्ध उत्पादों के लिए उत्तराखण्ड ब्रांड को स्थापित करना है। इस नीति में प्रथम चरण के तहत 91,000 लाभार्थियों के जरिए 22750 हेक्टेयर भूमि पर सगन्ध खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। इस नीति के तहत किसानों को कम से कम एक हेक्टेयर भूमि पर 80 फीसदी की सब्सिडी और एक हेक्टेयर से अधिक की भूमि पर सगन्ध खेती करने पर 50 फीसदी की सब्सिडी दी जाएगी।
उत्तराखंड में महक क्रांति नीति को मिली मंजूरी। इस योजन को 2026 से 2036 तक योजना चलेगी। 91 हज़ार किसानों को इससे लाभ मिलेगा। इसमें सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग के ढांचे में संशोधन किया गया है। अधीनस्थ कारीगरों के लिए 24 पद और सुधारात्मक विंग के लिए 3 पदों के सृजन को मंजूरी मिली है। पीएम आवास योजना के तहत रुद्रपुर में बनाए गए 1872 इडब्ल्यूएस मकानों में लगात धनराशि से अधिक धनराशि खर्च हुई है। ऐसे में इन आवासों को बनाने में खर्च हुई अतिरिक्त 27.85 करोड़ रुपए को राज्य सरकार वहन करेगी।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड की ओर से वर्तमान समय में पीएम ई विद्या कार्यक्रम के तहत 5 फ्री शैक्षिक टीवी चैनलों का प्रसारण किया जा रहा है। इसके लिए सेट्रल इस्ट्टयूट ऑफ एजुकेशन (सीआईइटी) राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (एनसीईआरटी) नई दिल्ली और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) उत्तराखण्ड के बीच एमओयू किया गया है। ऐसे में इस कार्यक्रम को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए धामी मंत्रिमंडल ने आठ पदों को सृजन करने की मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने उत्तराखंड राजकीय प्रारंभिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली 2012 में संशोधन को मंजूरी दी है। समाज कल्याण विभाग के तहत दिव्यांग युवक युवती से विवाह करने पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को 25000 से बढ़कर 50000 किया गया।
उत्तराखण्ड की महक नीति से 91 हजार किसानों को मिलेगा लाभ
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