नई दिल्ली। भारत सरकार ने कच्चे तेल की खरीद में विविधता को ऊर्जा सुरक्षा की कुंजी बताया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि कई स्रोतों से आपूर्ति देश को अधिक सुरक्षित बनाती है। भारत सरकार ने कच्चे तेल की खरीद के लिए ज्यादा से ज्यादा स्रोतों को बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि आपूर्ति में जितनी विविधता होगी, देश की ऊर्जा सुरक्षा उतनी ही मजबूत होगी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को कहा, कच्चे तेल की खरीद पर भारत का दृष्टिकोण हमेशा से ऊर्जा प्रवाह में स्थिरता सुनिश्चित करना और इसके लिए आपूर्ति के कई स्रोतों को बनाए रखना और उनमें विविधता लाना रहा है।
मिस्री ने कहा, भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें उचित मूल्य पर पर्याप्त ऊर्जा मिले और आपूर्ति विश्वसनीय और सुरक्षित हो। विदेश सचिव का यह बयान वाशिंगटन के उस दावे के बीच आया है जिसमें कहा गया है कि नई दिल्ली ने रूसी तेल का आयात बंद करने पर सहमति जताई है। मिस्री ने कहा कच्चे तेल की खरीद के मामले में भारत जो भी फैसले लेगा उसमें राष्ट्रीय हित मुख्य कारक होंगे। पर्याप्त उपलब्धता, उचित मूल्य निर्धारण और आपूर्ति की विश्वसनीयता देश की ऊर्जा नीति के मुख्य अंग हैं।
उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूसी कच्चे तेल की खरीद बंद करने के सवाल का जवाब देते हुए कहा, ऊर्जा के संबंध में हमारी आयात नीति पूरी तरह से इन्हीं उद्देश्यों से प्रेरित है। हम इसके लिए किसी एक स्रोत पर निर्भर नहीं हैं और न ही हमारा ऐसा कोई इरादा है। बाजार की परिस्थितियों के आधार पर स्रोतों का मिश्रण समय-समय पर बदलना स्वाभाविक है। हमारा दृष्टिकोण आपूर्ति के कई स्रोतों को बनाए रखना और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार उनमें विविधता लाना है। इसलिए, मैं कहूंगा कि इस क्षेत्र में हम जितने अधिक विविध होंगे, उतने ही अधिक सुरक्षित होंगे।
मिस्री ने कहा, वैश्विक अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ा है, जिसका वैश्विक ऊर्जा बाजारों की स्थिरता पर गहरा प्रभाव पड़ा है। मुझे लगता है कि भारत और दुनिया भर के कई देश, बल्कि लगभग सभी देश – ऊर्जा की स्थिर कीमतों और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने में साझा हित रखते हैं। मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि भारत न केवल ऊर्जा के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही कारण है कि हम कई स्रोतों से ऊर्जा आयात करते हैं। हमारी ऊर्जा नीति के प्रमुख आधार पर्याप्त उपलब्धता, उचित मूल्य निर्धारण और आपूर्ति की विश्वसनीयता हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह भारत के साथ व्यापार समझौते की घोषणा करते हुए दावा किया कि भारत रूस से कच्चे तेल की खरीद न करने पर सहमत हो गया है। एक कार्यकारी आदेश में, ट्रंप ने रूस से कच्चे तेल की खरीद के कारण भारत पर अगस्त में लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ को वापस ले लिया था।
रूसी तेल खरीदेगा भारत?: विदेश सचिव बोले- कच्चा तेल खरीद के जितने अधिक विकल्प होंगे, हम उतने ही सुरक्षित
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