नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे को नेल्सन मंडेला मार्ग, वसंत कुंज से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-एन.एच-148एई के लिए 6 लेन की सड़क सुरंग के निर्माण को मंजूरी दे दी है। आज नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 8 किलोमीटर से अधिक लंबी इस परियोजना को 6 हजार 969 करोड़ रुपये से अधिक की कुल पूंजी लागत से विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना शहरी विस्तार रोड – दो – द्वारका एक्सप्रेसवे को दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज से जोड़कर पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच तेज गति से संपर्क प्रदान करेगी। श्री वैष्णव ने बताया कि नेल्सन मंडेला मार्ग पर 1.8 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क का भी प्रस्ताव है, जिससे इस चौराहे पर यातायात जाम की समस्या से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एम्स और महिपालपुर के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर का भी प्रस्ताव किया है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से लगभग 7 लाख 54 हजार मानव दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार और 9 लाख 80 हजार व्यक्ति-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।
श्री वैष्णव ने बताया कि सरकार ने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या एनएच-34 के करीब 118 किलोमीटर लंबे 4-6 लेन वाले एक्सेस कंट्रोल्ड कानपुर-कबराई खंड के निर्माण को भी मंजूरी दे दी है।
इस परियोजना की अनुमानित कुल पूंजी लागत 7 हजार एक सौ 45 करोड़ रुपये है। मंत्री ने कहा कि यह परियोजना कानपुर और कबराई के बीच निर्बाध, उच्च गति संपर्क प्रदान करेगी, साथ ही सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों के लिए आगे की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या एनएच-34, एनएच-35, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड और राज्य राजमार्ग संख्या एसएच-46, एसएच-91, एसएच-10बी और एसएच-42 से कार्य नीति संपर्क स्थापित करेगी, जिससे क्षेत्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ इसका जुड़ाव मजबूत होगा। 80 से 100 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिज़ाइन किया गया यह कॉरिडोर कानपुर और कबरई के बीच यात्रा का समय साढ़े तीन घंटे से घटाकर डेढ़ा घंटे कर देगा। श्री वैष्णव ने कहा कि इस परियोजना से लगभग एक करोड़ बीस लाख मानव दिवस का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।

















