नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली के सेवा तीर्थ में विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों से बातचीत की। चर्चा दो प्रमुख विषयों पर केंद्रित रही। पहला विषय था व्यापार और जीवनयापन में सुगमता के लिए विनियमन में ढील तथा अन्य सुधार, जबकि दूसरा विषय था आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना।
बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने समग्र सरकारी दृष्टिकोण अपनाने और विभागीय अलगाव को तोड़ने के महत्व पर जोर दिया। एकीकृत योजना और समन्वय के महत्व को रेखांकित करते हुए, उन्होंने अंतर-विभागीय समन्वय और सूचित निर्णय लेने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में पीएम गतिशक्ति के व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित किया। उन्होंने सचिवों से लोगों के जीवन पर योजनाओं के ठोस प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
संवाद के दौरान, सचिवों ने दो प्रमुख विषयों के अनुरूप अपने मंत्रालयों और विभागों द्वारा उठाए जा रहे प्रमुख कदमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को क्रियान्वित परिणामों में बदलने के लिए चल रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला, साथ ही क्षेत्र-विशिष्ट चुनौतियों पर चर्चा की और शासन तथा सेवा वितरण को बढ़ाने के लिए भविष्य की अपनी रणनीतियों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

















