नई दिल्ली। वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के साथ 55 हजार तीर्थ यात्रियों के ठहरने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष उपराज्यपाल मनोज सिन्हा पहले जत्थे को रवाना करेंगे। तीन हजार आठ सौ 80 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा की 57 दिनों की तीर्थयात्रा की शुरूआत 3 जुलाई से होगी। तीर्थयात्रा की शुरूआत अनंतनाग ज़िले के परंपरागत 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग से तथा गांदरबल ज़िले के छोटे और ढलान वाले 14 किलोमीटर बालताल मार्ग से होगी।
जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने कहा कि जम्मू संभाग में लगभग 55 हजार तीर्थयात्रियों के ठहरने के प्रबंध किए गए है। उन्होंने बताया कि ठहरने की व्यवस्था, भोजन और स्वच्छता सहित जम्मू संभाग में पहुंचने वाले सभी तीर्थयात्रियों के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। लखनपुर से बनिहाल तक सरकार संचालित ठहरने की सुविधा, अस्थाई आश्रयगृह और नागरिक समाज संगठनों के समर्थन वाले ठहरने के प्रबंध सहित विश्राम केंद्र स्थापित किए गए हैं।
तीर्थयात्रियों के लिए स्थल पर ही पंजीकरण की सुविधा की शुरूआत जम्मू के तवी रिवर फ्रंट पर बुधवार को होगी। शहर के निवासियों की असुविधा को कम करने के लिए पंजीकरण केंद्र स्थानांतरित कर दिया गया है। टोकन पहले ही वितरित कर दिए गए हैं। श्राइन बोर्ड द्वारा निर्धारित दैनिक कोटा के अनुसार पंजीकरण किया जाएगा। जम्मू रेलवे स्टेशन, भगवती नगर, तवी रिवर फ्रंट, उधमपुर रेलवे स्टेशन, चंदरकोट, बनिहाल, लखनपुर और सांबा सहित निर्धारित केंद्रों पर सुरक्षा और ट्रैकिंग के लिए आवश्यक रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन-आर.एफ.आई.डी. कार्ड जारी किए जाएंगे। ऑनलाइन पंजीकरण और ई-केवाईसी जांच पूरी कर चुके तीर्थयात्रियों को आधारशिविर के लिए रवाना होने से पहले आरएफआईडी कार्ड लेने की सलाह दी गई है।
अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से श्राइन बोर्ड के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने तथा आवश्यक स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र रखने का आग्रह किया है। बुजुर्ग और हृदय या सांस की तकलीफ वाले तीर्थयात्रियों को उचित चिकित्सा निकासी के बाद ही तीर्थयात्रा करने की सलाह दी गई है।

















