नई दिल्ली। ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों-एन.एस.ए की 16वीं बैठक आज नई दिल्ली में हुई। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुखों ने दुनिया के सामने मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान पारंपरिक सुरक्षा के अलावा ऊर्जा, खाद्य, सप्लाई चेन और साइबर सुरक्षा तथा आतंकवादी नेटवर्क द्वारा इस्तेमाल की जा रही नई तकनीकों और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों पर भी चर्चा की गई।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने आतंकवाद-रोधी ब्रिक्स संयुक्त कार्य समूहों तथा सूचना और संचार तकनीकों के इस्तेमाल में सुरक्षा पर गठित कार्य समूहों के कामकाज और परिणामों की समीक्षा भी की। बैठक में सदस्य देशों के बीच सहयोग और बढ़ाने, जानकारी साझा करने और आतंकवाद तथा साइबर खतरों से मिलकर निपटने के लिए ब्रिक्स देशों की कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय पर ज़ोर दिया गया।
एन.एस.ए ने सभी तरह के आतंकवाद से निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने 2026 में भारत की ब्रिक्स की अध्यक्षता के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया। बैठक के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संयुक्त रूप से मुलाकात की।

















