30.2 C
Dehradun
Thursday, April 30, 2026


spot_img

भारत सबसे बड़ा विवाह स्थल, हर साल होती हैं एक करोड़ तक शादियां; जेफरीज की रिपोर्ट में दावा

नई दिल्ली: भारत दुनिया का सबसे बड़ा विवाह स्थल है। यहां हर साल 80 लाख से एक करोड़ शादियां होती हैं, जबकि चीन में 70-80 लाख और अमेरिका में 20-25 लाख विवाह होते हैं। खास बात है कि आम देशवासी शिक्षा (स्नातक तक) की तुलना में विवाह समारोह पर दोगुना खर्च करते हैं। अमेरिकी जैसे देशों में यह खर्च शिक्षा की तुलना में आधे से भी कम है।
ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय विवाह उद्योग का आकार करीब 10 लाख करोड़ रुपये का है। यह अमेरिका के विवाह उद्योग का लगभग दोगुना है। हालांकि, चीन की तुलना में छोटा है। अमेरिका में विवाह उद्योग का आकार 5.84 लाख करोड़ रुपये (70 अरब डॉलर) का है, जबकि चीन में यह 14.2 लाख करोड़ (170 अरब डॉलर) का है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय शादी कई दिनों तक चलती हैं और साधारण से लेकर बेहद भव्य तक होती हैं। इसमें क्षेत्र, धर्म और आर्थिक पृष्ठभूमि की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
लाख करोड़ है भारतीय विवाह उद्योग का आकार, अमेरिका की तुलना में करीब दोगुना, भारत में एक शादी पर औसतन 12.50 लाख रुपये (15,000 डॉलर) खर्च होते हैं। यह रकम प्रति व्यक्ति या घरेलू आय का कई गुना है।
शादियों में होने वाले कुल खर्च में दुल्हन के आभूषणों की हिस्सेदारी आधे से अधिक होती है। लग्जरी सेगमेंट में दुल्हन के लहंगों में भारी जटिल काम शामिल होता है। कुछ मामलों में इन लहंगों का वजह 10 किलोग्राम तक भी हो सकता है।
खर्चीली शादियों पर अंकुश लगाने के प्रयासों के बावजूद विदेशी स्थानों पर होने वाली आलीशान शादियां भारतीय वैभव को प्रदर्शित करती रहती हैं।
जेफरीज ने कहा, भारत में शादियां भव्य होती हैं। इनमें कई तरह के समारोह और खर्च होते हैं। शादियों के सीजन में आभूषण समेत कई उद्योगों में बिक्री बढ़ जाती है। शादियों के सीजन में आभूषण और परिधान जैसी श्रेणियों में खपत बढ़ती है। अप्रत्यक्ष रूप से ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को लाभ मिलता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में खपत श्रेणी में शादियों का दूसरा स्थान है। अगर शादी एक श्रेणी होती, तो खाद्य और किराना के बाद दूसरी सबसे बड़ी खुदरा श्रेणी होती। भारतीय खाद्य और किराना उद्योग का आकार 56.8 लाख करोड़ रुपये (681 अरब डॉलर) है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

जल जीवन मिशन 2.0 के तहत उत्तराखंड, कर्नाटक और त्रिपुरा के साथ सुधार संबंधी...

0
नई दिल्ली। जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 को 10 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद, सुधार से संबंधित समझौता...

भारत ने गैर-जीवाश्म ईंधन से 50ः बिजली का लक्ष्य पांच साल पहले हासिल कियारू...

0
नई दिल्ली। भारत ने पांच साल पहले ही गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 50 प्रतिशत बिजली प्राप्त करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। केंद्रीय...

ओबीसी, ईबीसी और डीएनटी छात्रों के लिए 242 करोड़ रुपये से अधिक की राशि...

0
नई दिल्ली। सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग-ओबीसी, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग-ईबीसी और गैर-अधिसूचित घुमंतू तथा अर्ध-घुमंतू जनजातियों-डीएनटी से आने वाले विद्यार्थियों के लिए...

सांसद ने सराहा विभागों का कार्य, बेहतर समन्वय से योजनाएं पूर्ण करने के निर्देश

0
देहरादून। सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय के मंथन सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा)...

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विविध क्षेत्रों में उपयोग पर आयोजित हुआ सार्थक विमर्श

0
देहरादून। तेलंगाना लोक भवन में “विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग” विषय पर एक महत्वपूर्ण विचार-विमर्श का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यपाल...