14.2 C
Dehradun
Friday, March 20, 2026


spot_img

प्रामाणिक आयुर्वेद भोजन और स्नैक्स जल्द ही बाजार में आएंगे

देहरादून। प्रामाणिक आयुर्वेदिक नुस्खों के अनुसार तैयार भोजन और स्नैक्स जल्द ही देश भर के बाजारों में पहुंचेंगे, जिससे कुपोषण, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बोझ को तेजी से कम करने में मदद मिलेगी। यहां चल रहे 10वें विश्व आयुर्वेद सम्मेलन (डब्ल्यूएसी) में ष्आयुर्वेद आहाररू फूड इज मेडीसिन, बट मेडीसिन इज नॉट फूड” (भोजन औषधि है, लेकिन औषधि भोजन नहीं है) विषय पर आधारित एक सत्र के दौरान आयुर्वेदिक भोजन और स्नैक्स के उत्पादन और विपणन के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों ने यह खुलासा किया।
पैनल के सदस्यों में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद डीम्ड यूनिवर्सिटी (एनआईएडीयू) जयपुर की पूर्व कुलपति प्रोफेसर मीता कोटेचा, ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद, नई दिल्ली की निदेशक प्रोफेसर तनुजा नेसारी और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद, जयपुर के प्रोफेसर अनुपम श्रीवास्तव शामिल थे। पैनल खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (थ्ैै।) और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक ग्रंथों का सख्ती से पालन करते हुए 700 व्यंजन और फॉर्मूलेशन होंगे, इसके अलावा कई अन्य व्यंजन भी होंगे, जो सशर्त परिवर्तन की अनुमति देंगे ताकि विविधता प्रदान की जा सके और मौजूदा मेगा फूड सेक्टर का सफलतापूर्वक मुकाबला किया जा सके, जो खरबों में कारोबार कर रहा है।उन्होंने कहा कि यह पहल भारत के पारंपरिक खाद्य पदार्थों को पुनर्जीवित करेगी, जिन्होंने बाजार में अस्वास्थ्यकर प्रसंस्कृत उत्पादों की बाढ़ ला दी है, जो लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना आयुर्वेद आहार विनियम 2022 और कानून के तहत बनाए गए नियमों के तहत शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि कानून और नियमों के तहत दिशानिर्देश तैयारी के अंतिम चरण में हैं और जल्दी ही सार्वजनिक क्षेत्रों पर डाल दिए जाएंगे। सत्र में अन्य वक्ताओं में मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ योग, नई दिल्ली के निदेशक कश्मथ समागंडी और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद, पंचकुला की डॉ. अश्वथी पी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बाजार में उपलब्ध अधिकांश तथाकथित आयुर्वेदिक खाद्य पदार्थ हर पहलू में, चाहे वह प्रक्रिया हो, गुणवत्ता हो या सामग्री की मात्रा हो, प्रामाणिकता के परीक्षण में विफल होंगे। प्रोफेसर कोटेचा ने कहा कि यह पहल सरकार को विश्व स्वास्थ्य संगठन और संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित विकास लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करने के अलावा भूख, कुपोषण और मोटापे की समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने में भी प्रमुख भूमिका निभाएगी। प्रोफेसर नेसारी ने कहा कि प्रस्तावित आयुर्वेद खाद्य खंड अवसरों का सागर और सीमाहीन होगा।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को नवीनतम खाद्य प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने और पोषण विशेषज्ञों और आयुर्वेद विशेषज्ञों की मदद लेने की अनुमति दी जाएगी ताकि योजना के तहत तैयार और विपणन किए जाने वाले भोजन और नमकीन में सदियों पुरानी भारतीय परंपराओं के आवश्यक सिद्धांत बरकरार रहें। उन्होंने कहा कि विपणन फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स क्षेत्र द्वारा अपनाई जाने वाली प्रथाओं की तर्ज पर होगा, जो डोर डिलीवरी (ग्राहक के घर तक) करने वाले फूड एग्रीगेटर्स का लाभ उठाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि ये खाद्य किस्में स्टार होटलों सहित सभी भोजनालयों में उपलब्ध हों।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

राज्य मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार, पांच नए मंत्रियों को राज्यपाल ने दिलाई शपथ

0
देहरादून। राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है। मंत्रिमंडल में पांच नए मंत्री शामिल किए गए हैं। लोकभवन में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने विधायक...

ईरानी मिसाइलों के निशाने पर इजरायल के तेल भंडार, हाइफा में रिफाइनरियों पर हमला;...

0
नई दिल्ली। इजरायल और ईरान में इन दिनों भीषण युद्ध छिड़ा हुआ है। दोनों देश एक दूसरे पर लगातार मिसाइल हमले कर रहे हैं।...

खनिज क्षेत्र ने 200 खनिज ब्लॉक की सफल नीलामी के साथ महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल...

0
नई दिल्ली: भारत के खनिज क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2025-26 में 200 खनिज ब्लॉक की सफल नीलामी के साथ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की...

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कल दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कीं

0
नई दिल्ली।  एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कल इंदौर से शारजहां की उड़ान आई एक्स-255 और शारजहां से इंदौर आने वाली आई एक्स-256 उड़ान रद्द...

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वृंदावन स्थित प्रेम मंदिर और इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना की

0
लखनऊ: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित प्रेम मंदिर और इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना की और आरती में भाग लिया। उत्तर...