13.7 C
Dehradun
Sunday, February 15, 2026


spot_img

संसद के गेट पर अब सांसद-राजनेता नहीं कर सकेंगे प्रदर्शन

नई दिल्ली: संसद के मकर द्वार के पास हुई धक्का-मुक्की के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने बड़ा फैसला लिया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद के किसी भी प्रवेश द्वार पर किसी भी सांसद या राजनीतिक दल की ओर से प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। बृहस्पतिवार को भाजपा और कांग्रेस के सदस्यों के बीच धक्कामुक्की की घटना के बाद बिरला ने यह फैसला लिया है। संसद के सूत्रों ने इस बारे में बताया, अध्यक्ष ओम बिरला ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी सांसद, सदस्यों के समूह या राजनीतिक दल को संसद भवन के द्वारों पर किसी तरह का धरना या प्रदर्शन करने नहीं दिया जाएगा।
इससे पहले, संसद भवन परिसर में धक्कामुक्की मामले में राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं कांग्रेस द्वारा की गई शिकायत पर पुलिस अभी विचार कर रही है। यह मामला भाजपा की सांसद बांसुरी स्वराज, हेमंग जोशी और अनुराग ठाकुर की शिकायत पर संसद मार्ग थाने में दर्ज किया गया है। बता दें कि बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष और सत्तापक्ष के सांसदों ने गुरुवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके बीच धक्का-मुक्की भी हुई। संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 117 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना), 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने का कार्य), 131 (आपराधिक बल का प्रयोग), 351 (आपराधिक धमकी) और 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
दरअसल, गृह मंत्री अमित शाह की बाबासाहेब आंबेडकर से संबंधित टिप्पणी को लेकर विरोध जताते हुए विपक्षी सदस्यों ने मार्च निकाला तो भाजपा सांसदों ने कांग्रेस पर बाबासाहेब के अपमान का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के निकट सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्य एक दूसरे के सामने आ गए और जमकर नारेबाजी की। भाजपा का आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने धक्कामुक्की की, जिस वजह से उसके बुजुर्ग सांसद प्रताप सारंगी चोटिल हुए। सारंगी को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। दूसरी तरफ राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा सांसदों ने उन्हें और अन्य विपक्षी सदस्यों को संसद भवन में जाने से रोका और धक्का-मुक्की की।
राम मनोहर लोहिया अस्पताल की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि घायल होकर अस्पताल आए प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत को स्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही जरूरत के आधार पर जांच भी की जा रही है। जांच के लिए नर्सिंग होम की टीम बनाई गई है। सिर में चोट लगने के कारण एतिहात के तौर पर आईसीयू में भर्ती कराया गया है। प्रताप सारंगी को बहुत ज्यादा रक्तस्राव हो रहा था और उन्हें गहरा घाव भी हुआ था। इसलिए उन्हें टांके लगाने पड़े। उनका मूल्यांकन किया जा रहा है। मुकेश राजपूत बेहोश हो गए थे।
दरअसल, अमित शाह की टिप्पणी को लेकर संसद के दोनों सदनों में बुधवार से गतिरोध बना हुआ है। कांग्रेस और विपक्षी दलों का आरोप है कि शाह ने ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर राज्यसभा में दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को अपने संबोधन के दौरान बाबासाहेब का अपमान किया। दूसरी तरफ भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा बाबासाहेब का अपमान किया और उन्हें चुनाव में तक हरवाया।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी भारत की पहली सड़क-रेल सुरंग, पूर्वोत्तर राज्यों...

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने असम के गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच पानी के...

सेना प्रमुख ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएंगे, आधुनिक युद्ध और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन पर करेंगे मंथन

0
नई दिल्ली: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी 16 से 19 फरवरी तक ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएंगे। दौरे में आधुनिक युद्ध, मल्टी-डोमेन ऑपरेशन और संयुक्त...

केंद्र ने स्टार्टअप इंडिया फंड को दी मंजूरी, ₹10000 करोड़ की मदद से इन...

0
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10,000 करोड़ रुपये के ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ को मंजूरी दी है। इसका लक्ष्य डीप टेक, एडवांस्ड...

पुडुचेरी में चुनाव से पहले नई अंतिम मतदाता सूची जारी, वोटर लिस्ट से 77...

0
पुडुचेरी: पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। घर-घर सत्यापन के...

मुख्यमंत्री के सख्त नकल विरोधी कानून के तहत उत्तराखण्ड एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई

0
देहरादून। मुख्यमंत्री के परीक्षाओं में नकल पर प्रभावी रोक लगाये जाने के सम्बन्ध में दिये गये स्पष्ट निर्देशों के क्रम में पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड...