नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का शनिवार को निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। इससे पहले सुबह 8:30 बजे से उनका पार्थिव शरीर कांग्रेस मुख्यालय में रखा गया, जहां पार्टी कार्यकर्ता व आम जनता ने उनके दर्शन किए।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर को नई दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। वे 10 वर्षों तक प्रधानमंत्री थे। इसके अलावा वे आरबीआई गवर्नर, योजना आयोग के उपाध्यक्ष और वित्त मंत्री भी रहे। उन्हें आधुनिक भारत के आर्थिक सुधारों के वास्तुकार के रूप में जाना जाता है। केंद्रीय सरकार ने मनमोहन सिंह के सम्मान में एक जनवरी 2025 तक सात दिनों के लिए राजकीय शोक घोषित किया है। इसके साथ ही सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में पूर्व पीएम का स्मारक बनाने की घोषणा की।
शनिवार को निगम बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। इससे पहले सुबह 8:30 बजे से उनका पार्थिव शरीर कांग्रेस मुख्यालय में रखा गया, जहां पार्टी कार्यकर्ता व आम जनता ने उनके दर्शन किए। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी पार्टी कार्यालय में उपस्थित थीं। यहां पूर्व पीएम के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी गई। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने अंतिम बार पूर्व पीएम को नमन किया।
निगम बोध घाट पर मनमोहन सिंह को अंतिम सलामी दी गई। तीनों सेनाओं ने मनमोहन सिंह के पार्थिव शरीर को सलामी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह निगमबोध पहुंचे। भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और मॉरीशस के विदेश मंत्री मनीष गोबिन भी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए निगम बोध घाट पहुंचें। कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मनमोहन सिंह को अंतिम बार निगम बोध घाट पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी के अलावा, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह आदि ने निगम बोध घाट पर मनमोहन सिंह को दी अंतिम श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने निगम बोध घाट पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को अंतिम श्रद्धांजलि दी। राहुल गांधी ने पूर्व पीएम की पार्थिव देह को कंधा दिया।
मनमोहन सिंह पंचतत्व में विलीन, कृतज्ञ देश ने नम आंखों से दी विदाई; राष्ट्रपति और PM भी पहुंचे निगम बोध
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