नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की घोषणा की है। एक अप्रैल से लागू होने वाली नई दरों में महंगाई भत्ते को समायोजित किया गया है, जिससे श्रमिकों को बढ़ी मंहगाई के प्रभाव से राहत मिलेगी।
दिल्ली सरकार के श्रम विभाग के मुताबिक, अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 18,066 रुपये से बढ़कर 18,456 रुपये प्रतिमाह, अर्ध-कुशल श्रमिकों 19,929 रुपये से बढ़कर 20,371 रुपये प्रतिमाह, कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 21,917 रुपये से बढ़कर 22,411 रुपये प्रतिमाह, गैर-मैट्रिक श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 19,929 रुपये से बढ़कर 20,371 रुपये प्रतिमाह, मैट्रिक पास श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 21,917 रुपये से बढ़कर 22,411 रुपये प्रतिमाह और स्नातक व उससे ऊपर पढ़े श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 23,836 रुपये से बढ़कर 24,356 रुपये प्रतिमाह की गई है।
संयुक्त श्रम आयुक्त (मुख्यालय) कुशर मनोज सिंह ने बताया कि यह वृद्धि न केवल बढ़ी मंहगाई के प्रभाव को कम करेगी, बल्कि दिल्ली में कार्यरत लाखों श्रमिकों को आर्थिक राहत भी प्रदान करेगी। यदि किसी श्रमिक को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान किया जाता है तो वे संबंधित जिले के संयुक्त श्रम आयुक्त या उप श्रम आयुक्त के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं। ये अधिकारी न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के तहत दावों की सुनवाई और निर्णय के लिए तैनात हैं।
दिल्ली सरकार का बड़ा एलान: बढ़ाई गई श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी, जानें किसको मिलेगा कितना पैसा
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