26.1 C
Dehradun
Tuesday, May 26, 2026


spot_img

उत्तराखण्ड के यूएसडीएमए मॉडल से प्रभावित हुआ हिमाचल

देहरादून। हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जगत सिंह नेगी ने गुरुवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) का दौरा कर आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने दोनों राज्यों के बीच आपसी समन्वय एवं सहयोग को और मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश भौगोलिक दृष्टि से समान प्रकृति वाले पर्वतीय एवं संवेदनशील राज्य हैं, जहां भूस्खलन, अतिवृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियां भी लगभग समान हैं। ऐसे में दोनों राज्यों के बीच समन्वित रणनीति अपनाकर प्रभावी आपदा प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकता है।
इस दौरान मंत्री ने यूएसडीएमए द्वारा संचालित चारधाम यात्रा की मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के माध्यम से केदारनाथ यात्रा की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम, भीड़ प्रबंधन, मौसम एवं मार्ग की सतत निगरानी तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच त्वरित समन्वय की व्यवस्था को सराहा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का यह तकनीक-आधारित मॉडल अत्यंत प्रभावी है, जिसे हिमाचल प्रदेश में भी लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कैलाश मणिमहेश, किन्नर कैलाश एवं श्रीखंड महादेव जैसी यात्राओं के दौरान इस प्रकार की प्रणाली से श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारू आवागमन एवं त्वरित आपदा प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। इस अवसर पर सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने यूएसडीएमए की गतिविधियों एवं नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा तकनीकी नवाचारों एवं सुदृढ़ तंत्र के माध्यम से आपदा प्रबंधन व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
मंत्री ने तहसील स्तर पर गठित की जा रही क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की सराहना करते हुए इसे आपदा प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि ये टीमें आपदा के प्रारंभिक चरण में त्वरित राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने यूएसडीएमए द्वारा विकसित ‘भूदेव’ एप एवं मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की भी सराहना की तथा भूस्खलन प्रबंधन के क्षेत्र में दोनों राज्यों के बीच संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ‘भूदेव’ एप का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे आपदा संबंधी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर यूप्रिपेयर के परियोजना निदेशक आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन महावीर सिंह चौहान, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डीआईजी राजकुमार नेगी, अपर सचिव हिमाचल प्रदेश निशांत ठाकुर, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, यूएलएमएमसी के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार, एसके बिरला आदि उपस्थित रहे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सोशल मीडिया को राष्ट्र निर्माण और सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाने का आह्वान

0
हल्द्वानी/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित “सोशल मीडिया मंथन विथ सीएम धामी” कार्यक्रम में प्रतिभाग कर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स,...

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को लोक कार्य के लिए पद्मभूषण से...

0
देहरादून। नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को लोक कार्य के...

लोक भवन नैनीताल में आयोजित ‘एक शाम सैनिकों के नाम’ कार्यक्रम में सैनिकों और...

0
नैनीताल। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने लोक भवन, नैनीताल में सैनिक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित ‘‘एक शाम सैनिकों के नाम’’ कार्यक्रम...

प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएः मुख्य सचिव

0
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में प्रदेश में विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने प्रबंध...

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया पंचायत जनप्रतिनिधियों से संवाद

0
देहरादून/खटीमा। विकासखण्ड सभागार खटीमा में जन जन की सरकार, मुख्यमंत्री संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायत व निकाय जनप्रतिनिधियों से संवाद...