37.2 C
Dehradun
Thursday, June 25, 2026


spot_img

पांच महीनों में 253 किसानों ने किया ढाई करोड़ का कारोबार

देहरादून। उत्तराखंड के सीमांत जिलों में स्थित आईटीबीपी की बटालियनें अक्तूबर, 2024 तक मटन, चिकन, फिश सप्लाई के लिए बड़े शहरों पर निर्भर थीं। लेकिन अब उत्तराखंड पशुपालन विभाग ने आईटीबीपी का अनुबंध सीधे स्थानीय पशु पालकों से करा दिया है। इसके बाद शुरुआती पांच महीने में ही, चार सीमांत जिलों के 253 किसान आईटीबीपी के साथ 2.6 करोड़ का कारोबार कर चुके हैं।
पशुपालन विभाग ने गत 30 अक्तूबर को इस योजना को लेकर आईटीबीपी के साथ विधिवित अनुबंध किया। इसके तहत पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी और चम्पावत जनपद के 10 सहकारी समितियों और एफपीओ से जुड़े 253 किसान आईटीबीपी की नजदीकी बटालियन को जिंदा मटन, चिकन, फिश की आपूर्ति कर रहे हैं। योजना के शुरुआती पांच महीने में ही ये किसान, आईटीबीपी को कुल मिलाकर 79,530 किलो (42,748 किलो जिंदा भेड़- बकरी, 29,407 किलो चिकन और 7,374 किलो ट्राउट फिश) की सप्लाई कर चुके हैं। इस तरह उन्होंने आईटीबीपी के साथ कुल 2.6 करोड़ रुपए का कारोबार कर लिया है।

सालाना 20 करोड़ रुपए कारोबार की उम्मीद
पशुपालन विभाग के सचिव डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि योजना के तहत किसानों को सप्लाई के 24 घंटे के भीतर, डीबीटी के जरिए भुगतान किया जा रहा है। इसके लिए विभाग ने पांच करोड़ रुपए के रिवाल्विंग फंड की व्यवस्था की हुई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत आईटीबीपी को सालाना 800 मीट्रिक टन मटन, चिकन, फिश सप्लाई की उम्मीद है, इससे किसानों का कुल करीब 20 करोड़ का कारोबार होगा। जो सीमांत किसानों की आजीविका में बड़ा बदलाव लाएगा।

इस योजना के बेहद सकारात्मक परिणाम आए हैं, सीमांत के किसानों की आय बढ़ने से गांवों में पलायन भी कम होगा। साथ ही वो आईटीबीपी के साथ मिलकर, देश की रक्षा पंक्ति को मजबूत करने का काम करेंगे। आईटीबीपी को भी ताजा खाद्य सामग्री की आपूर्ति होगी।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

सफल किसानों की कहानी
पिथौरागढ़ जिले में मूनाकोट ब्लॉक के बड़ालू गांव के निवासी नरेंद्र प्रसाद भी जनवरी से आईटीबीपी को चिकन सप्लाई कर रहे हैं। 40 वर्षीय नरेंद्र प्रसाद बताते हैं कि उन्होंने 2022-23 में पशुपालन की कुक्कुट पालन योजना के तहत मुर्गी पालन का काम शुरू किया, अब वो प्रति माह करीब 16 कुंतल चिकन की सप्लाई करते हैं, जिससे आईटीबीपी को भी तीन कुंतल सप्लाई होती है। इसी तरह मूनाकोट ब्लॉक में ही देवदार गांव के निवासी प्रकाश कोहली भी जनवरी 2025 से आईटीबीपी को 11 कुंतल बकरी सप्लाई कर चुके हैं। जिससे उन्हें 50 हजार का फायदा हुआ है। योजना का फायदा देखते हुए अब वो गोट वैली में भी आवेदन कर रहे हैं।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

13 शहरों के लिए शहरी नदी प्रबंधन योजनाएं पूरी: जल शक्ति मंत्रालय

0
नई दिल्ली। स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन ने राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान के सहयोग से गंगा नदी के तट पर शहरी नदी प्रबंधन योजनाओं का...

भारतीय नौसेना के जहाज उदयगिरि और कवरत्ती वियतनाम का बंदरगाह दौरा पूरा कर रवाना

0
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के जहाज उदयगिरि और कवरत्ती दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में अपनी परिचालन तैनाती के अंतर्गत वियतनाम के हो ची मिन्ह...

विदेश मंत्री सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने सोल में दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून...

0
नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिवेश के बीच भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों को और मजबूत करने की आवश्‍यकता पर बल...

ब्रिटेन की अदालत ने नीरव मोदी को बैंक ऑफ इंडिया को 110 लाख डॉलर...

0
नई दिल्ली। भारत के भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी को ब्रिटेन की एक अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया को 110 लाख अमरीकी डॉलर से...

धमकी देने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाईः सीएम धामी

0
देहरादून। उत्तराखंड में 23 जून को कई संस्थानों और धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिल थे, जिसके बाद पूरे...