26 C
Dehradun
Thursday, June 25, 2026


spot_img

प्रदेश के सभी विद्यालयों में इसी सत्र से बैगलेस-डे लागूः डॉ. धन सिंह रावत

देहरादून: सूबे के सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों में इसी शैक्षणिक सत्र से बैगलेस-डे लागू कर दिया गया है। प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को यह दिवस मनाया जायेगा, जिसमें छात्र-छात्राएं बिना स्कूली बस्ते के अपने-अपने विद्यालय जायेंगे तथा पढ़ाई के बजाय अन्य सृजनात्मक गतिविधियों में प्रतिभाग करेंगे। इसके लिये विद्यालयी शिक्षा विभाग की ओर से एससीईआरटी द्वारा ‘गतिविधि पुस्तिका’ तैयार की गई है। जिसका कार्यशाला में विभागीय मंत्री सहित अन्य अतिथियों द्वारा विधिवत विमोचन किया गया।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के सभागार में आज विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में बैगलेस-डे को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें राज्य में संचालित विभिन्न विद्यालयी बोर्डों के प्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों एवं निजी स्कूल संचालकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यशाला में नई शिक्षा नीति-2020 की अनुशंसा के अनुरूप राज्यभर में संचालित सभी विद्यालयी शिक्षा बोर्डों के समस्त राजकीय एवं निजी विद्यालयों में इसी सत्र से बैगलेस-डे लागू किये जाने की घोषणा की। डॉ. रावत ने कहा कि प्रदेश में संचालित समस्त विद्यालयों में प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को बैगलेस-डे रहेगा। इस दिन छात्र-छात्राएं बिना बस्ते के स्कूल जायेंगे तथा पढ़ाई के बदले विभिन्न गतिविधियों में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने बताया कि इस दिन मुख्यतः तीन प्रकार की गतिविधियां संचालित की जायेंगी, जिसमें जैविक, मशीनी व मानवीय गतिविधियां शामिल रहेंगी। इस संबंध में शिक्षा विभाग के अंतर्गत एससीईआरटी द्वारा ‘गतिविधि पुस्तिका’ तैयार की गई है जिसमें बैगलेस-डे पर संचालित गतिविधियों का विस्तृत विवरण दिया गया है। यह पुस्तिका सभी शिक्षा बोर्डो सीबीएसई, आईसीएसई, भारतीय शिक्षा बोर्ड, संस्कृत शिक्षा, मदरसा बोर्ड आदि को ई-फार्मेट सहित उपलब्ध करा दी जायेगी। इसके इतर सभी बोर्ड इस दिवस पर अपने-अपने विद्यालयों में अन्य बेहतर गतिविधियों का भी संचालन कर सकते हैं। इस व्यवस्था को प्रदेश भर में कड़ाई से लागू करने के लिये ब्लॉक स्तर पर खण्ड शिक्षा अधिकार, जिला स्तर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी व राज्य स्तर पर महानिदेशक शिक्षा नोडल अधिकारी रहेंगे। विभागीय मंत्री ने कहा कि सभी नोडल अधिकारी बैगलेस-डे पर अपने-अपने क्षेत्र में विद्यालयों का औचक निरीक्षण भी करेंगे। इससे पहले विभागीय मंत्री डॉ रावत ने विभाग द्वारा छात्र-छात्राओं के लिये विभिन्न गतिविधियों पर आयोजित पर प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। जिसमें उन्होंने छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किये गये विभिन्न मॉडलों की खूब सराहना की

कार्यशाला में निजी एवं राजकीय विद्यालयों में बस्ते का बोझ कम करने पर भी चर्चा की गई। जिसको आगामी जुलाई माह से लागू करने पर सहमति बनी। विशेषकर सीबीएसई एवं आईसीएसई के स्कूल संचालकों को इस व्यवस्था को लागू करने के लिये आपस में विचार-विमर्श कर ठोस निर्णय लेने को कहा। कार्यशाला में सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक गैरोला, सीबीएसई बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. मनोज, निजी विद्यालय संगठन के अध्यक्ष प्रेम कश्यप एवं राकेश ऑबराय ने बैगलेस-डे को छात्रहित में बताते हुये विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा नई शिक्षा नीति-2020 के तहत छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिये पढ़ाई के साथ-साथ सृजनात्मक गतिविधियां का संचालन अतिआवश्यक है, जो बैगलेस-डे के दिन सुगमता के साथ संचालित की जा सकती है।

कार्यशाला में विभागीय सचिव रविनाथ रमन, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक गैरोला, मिशन निदेशक एनएचएम स्वाती एस भदौरिया, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा झरना कमठान, निदेशक मुकुल सती, अपर निदेशक गढ़वाल कंचन देवराड़ी, अपर निदेशक एससीईआरटी पदमेन्द्र सकलानी, एपीडी समग्र शिक्षा कुलदीप गैरोला, विभिन्न बोर्डों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि, सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं उपखण्ड अधिकारियों के साथ ही निजी विद्यालयों के संचालक एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।

बॉक्स-
शिक्षा विभाग के तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक स्वाती एस भदौरिया द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत राज्यभर के विद्यालयों में संचालित स्वास्थ्य परीक्षण संबंधी विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनएचएम के तहत बाल आरोग्य पोर्टल तैयार किया गया है, जिसमें प्रत्येक छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका हेल्थ रिकॉर्ड दर्ज किया जायेगा। जिसको लॉगइन शिक्षा विभाग के जनपद स्तरीय अधिकारियों व महानिदेशक विद्यालय शिक्षा को दिया जायेगा। जो जरूरत पड़ने पर प्रत्येक छात्र-छात्राओं का हेल्थ रिकॉर्ड देख सकता है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के सफल संचालन के लिये 148 टीमों का गठन किया गया है, जो कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में जाकर छा़त्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण व परामर्श के साथ ही उपचार के लिये निर्धारित चिकित्सालयों में भेजने की भी संस्तुति करेंगे। विद्यालय में हेल्थ टीम के आने की सूचना भ्रमण से पूर्व पोर्टल पर अपलोड कर दी जाती है। इस टीम के चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टॉफ व पैरामेडिकल स्टॉफ मौजूद रहता है। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी इस संबंध में अपने-अपने विद्यालयों के प्राचार्यों को सूचित करायेंगे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

13 शहरों के लिए शहरी नदी प्रबंधन योजनाएं पूरी: जल शक्ति मंत्रालय

0
नई दिल्ली। स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन ने राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान के सहयोग से गंगा नदी के तट पर शहरी नदी प्रबंधन योजनाओं का...

भारतीय नौसेना के जहाज उदयगिरि और कवरत्ती वियतनाम का बंदरगाह दौरा पूरा कर रवाना

0
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के जहाज उदयगिरि और कवरत्ती दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में अपनी परिचालन तैनाती के अंतर्गत वियतनाम के हो ची मिन्ह...

विदेश मंत्री सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने सोल में दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून...

0
नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिवेश के बीच भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों को और मजबूत करने की आवश्‍यकता पर बल...

ब्रिटेन की अदालत ने नीरव मोदी को बैंक ऑफ इंडिया को 110 लाख डॉलर...

0
नई दिल्ली। भारत के भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी को ब्रिटेन की एक अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया को 110 लाख अमरीकी डॉलर से...

धमकी देने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाईः सीएम धामी

0
देहरादून। उत्तराखंड में 23 जून को कई संस्थानों और धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिल थे, जिसके बाद पूरे...