नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नासा के एक्सिओम 4 मिशन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा कर रहे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से बात की। दोनों के बीच करीब 18 मिनट तक बात हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने उनकी यात्रा को एक नए युग की शुरुआत बताया। प्रधानमंत्री ने उनसे भारत के गगनयान मिशन पर भी चर्चा की।
शुभांशु से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे पक्का विश्वास है कि आपकी बातें देश के युवाओं को बहुत ही अच्छी लगेंगी और आप तो मुझे भली-भांति जानते हैं। जब भी किसी से बात होती है, तो मैं होमवर्क जरूरत देता हूं। हमें मिशन गगनयान को आगे बढ़ाना है। हमें अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन बनाना है और चंद्रमा पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री की लैंडिंग भी करानी है। इन सारे मिशन में आपके अनुभव बहुत काम आने वाले हैं। मुझे भरोसा है, आप वहां अपने अनुभवों को जरूर रिकॉर्ड कर रहे होंगे।
इसके बाद शुभांशु ने कहा, प्रधानमंत्री जी, इस पूरे अभियान के प्रशिक्षण लेने के दौरान और अनुभव के दौरान जो भी सीख मुझे मिली हैं, उन सबको मैं एक स्पंज की तरह ग्रहण कर रहा हूं और मुझे यकीन है कि जब मैं वापस आऊंगा तो यह सारी चीजें बहुत कीमती साबित होंगी। हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होंगी। हम इन्हें प्रभावी तरीके से अपने मिशन में लागू कर सकेंगे और जल्द से जल्द उन्हें पूरा कर सकेंगे। उन्होंने आगे कहा, मेरे साथी जो मेरे साथ आए थे, कहीं न कहीं उन्होंने भी मुझसे पूछा कि हम कब गगनयान पर जा सकत हैं, जिसे सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा और मैंने कहा कि जल्द ही जाएंगे। मुझे लगता है कि यह सपना बहुत जल्द पूरा होगा। मुझे जो सीख यहां मिली है, वह मैं वापस आकर अपने मिशनों में पूरी तरह 100 लागू करके उनको जल्दी पूरा करने कोशिश करूंगा।
शुभांशु ने आगे कहा, यहां अंतरिक्ष तक आने की यह जो पूरी यात्रा है और यहां तक पहुंचने के लिए जो प्रशिक्षण लिया, इसमें बहुत कुछ सीखा है। यहां तक पहुंचना मेरे लिए एक निजी उपलब्धि तो है ही, लेकिन कहीं न कहीं मुझे लगता है कि यह हमारे देश के लिए भी एक बहुत बड़ी सामूहिक उपलब्धि है। इसे देख रहे हर बच्चे और युवा को मैं यह संदेश देना चाहता हूं कि अगर आप कोशिश करते हैं और आप अपना भविष्य बनाते हैं, तो आपका भविष्य अच्छा बनेगा और हमारे देश का भविष्य अच्छा बनेगा। केवल एक बात मन में रखिए कि आकाश की कोई सीमा नहीं है, न ही आपके लिए , न ही मेर लिए और न भारत के लिए।
















