21.7 C
Dehradun
Sunday, September 6, 2026


spot_img

वोट चोरी पर चुनाव आयोग का ई-लॉक, वोटर लिस्ट से नाम हटाने की गड़बड़ी रोकने के लिए शुरू किया नया सिस्टम

नई दिल्ली :चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में गड़बड़ी रोकने के लिए नया ई-वेरिफिकेशन सिस्टम लागू किया है। अब कोई भी व्यक्ति यदि नाम हटाने या शामिल करने पर आपत्ति जताएगा, तो उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। इस कदम का उद्देश्य फर्जी आवेदन रोकना और वोटर लिस्ट को सही-सही बनाए रखना है।
ईसी अधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में लोग आपत्ति दर्ज कराते समय किसी और का नाम और मोबाइल नंबर डाल देते थे। इससे गलत नाम हटाने की कोशिशें होती थीं। नया सिस्टम इस दुरुपयोग को रोकने में मदद करेगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी खास घटना के बाद नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है। कर्नाटक की अलंद विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के 6,018 आवेदन ऑनलाइन आए थे। इनमें से केवल 24 ही सही पाए गए, जबकि 5,994 आवेदन गलत निकले। आयोग ने सही पाए गए 24 आवेदन स्वीकार किए और बाकी को खारिज कर दिया। ईसी ने साफ किया कि फॉर्म-7 भरने से नाम अपने आप नहीं हटता, बल्कि सत्यापन प्रक्रिया के बाद ही फैसला लिया जाता है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने वोट चोरी पर ताला तभी लगाया जब उन्होंने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चोरी हमने पकड़ी और तभी आपको ताला लगाने की याद आई। अब हम चोरों को भी पकड़ेंगे। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से यह भी पूछा कि वे अलंद में वोटर डिलीशन मामले का सबूत कर्नाटक सीआईडी को कब देंगे।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि ई-वेरिफिकेशन फीचर केवल पारदर्शिता और गड़बड़ी रोकने के लिए जोड़ा गया है। वोटर चाहे तो ऑनलाइन फॉर्म-सात भर सकता है, लेकिन केवल आवेदन से नाम नहीं हटता। हर आवेदन की गहन जांच और वेरिफिकेशन के बाद ही कार्रवाई होती है। आयोग का कहना है कि यह कदम पूरे देश में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए है।
ईसी के इस कदम को चुनावी प्रक्रिया में बड़ा सुधार माना जा रहा है। माना जा रहा है कि मोबाइल वेरिफिकेशन की बाध्यता से गलत और फर्जी आवेदन लगभग असंभव हो जाएंगे। इससे न केवल नाम हटाने की प्रक्रिया साफ-सुथरी होगी बल्कि राजनीतिक दलों के बीच विवाद भी कम होंगे। हालांकि, कांग्रेस और विपक्ष का मानना है कि आयोग को और पारदर्शिता लानी होगी और हर मामले में ठोस सबूत जनता के सामने रखने होंगे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा समिति की नई दिल्ली में हुई पहली बैठक भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा...

0
नई दिल्ली।  भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा समिति- जेडीसी की पहली बैठक आज नई दिल्ली में हुई। बैठक के दौरान, दोनों देशों ने प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास,...

नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 547; सीमा के दोनों तरफ...

0
नई दिल्ली। नेपाल और तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 547 हो गई है। 1,545 लोग अब भी लापता हैं। राहत...

भारत ने नेपाल में बचाव और राहत कार्यों के लिए 47 टन से ज़्यादा...

0
नई दिल्ली।  विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में बुधवार को अचानक बाढ़ की त्रासदी के बाद 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो...

लोक भवन में उल्लास और आत्मीयता के साथ मनाया गया रक्षाबंधन पर्व

0
देहरादून:  रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आज लोक भवन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि)...

मुख्यमंत्री धामी की बड़ी घोषणाः अब 60 वर्ष की आयु से महिलाओं को रोडवेज...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक...