30.9 C
Dehradun
Thursday, May 28, 2026


spot_img

वोट चोरी पर चुनाव आयोग का ई-लॉक, वोटर लिस्ट से नाम हटाने की गड़बड़ी रोकने के लिए शुरू किया नया सिस्टम

नई दिल्ली :चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में गड़बड़ी रोकने के लिए नया ई-वेरिफिकेशन सिस्टम लागू किया है। अब कोई भी व्यक्ति यदि नाम हटाने या शामिल करने पर आपत्ति जताएगा, तो उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। इस कदम का उद्देश्य फर्जी आवेदन रोकना और वोटर लिस्ट को सही-सही बनाए रखना है।
ईसी अधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में लोग आपत्ति दर्ज कराते समय किसी और का नाम और मोबाइल नंबर डाल देते थे। इससे गलत नाम हटाने की कोशिशें होती थीं। नया सिस्टम इस दुरुपयोग को रोकने में मदद करेगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी खास घटना के बाद नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है। कर्नाटक की अलंद विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के 6,018 आवेदन ऑनलाइन आए थे। इनमें से केवल 24 ही सही पाए गए, जबकि 5,994 आवेदन गलत निकले। आयोग ने सही पाए गए 24 आवेदन स्वीकार किए और बाकी को खारिज कर दिया। ईसी ने साफ किया कि फॉर्म-7 भरने से नाम अपने आप नहीं हटता, बल्कि सत्यापन प्रक्रिया के बाद ही फैसला लिया जाता है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने वोट चोरी पर ताला तभी लगाया जब उन्होंने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चोरी हमने पकड़ी और तभी आपको ताला लगाने की याद आई। अब हम चोरों को भी पकड़ेंगे। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से यह भी पूछा कि वे अलंद में वोटर डिलीशन मामले का सबूत कर्नाटक सीआईडी को कब देंगे।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि ई-वेरिफिकेशन फीचर केवल पारदर्शिता और गड़बड़ी रोकने के लिए जोड़ा गया है। वोटर चाहे तो ऑनलाइन फॉर्म-सात भर सकता है, लेकिन केवल आवेदन से नाम नहीं हटता। हर आवेदन की गहन जांच और वेरिफिकेशन के बाद ही कार्रवाई होती है। आयोग का कहना है कि यह कदम पूरे देश में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए है।
ईसी के इस कदम को चुनावी प्रक्रिया में बड़ा सुधार माना जा रहा है। माना जा रहा है कि मोबाइल वेरिफिकेशन की बाध्यता से गलत और फर्जी आवेदन लगभग असंभव हो जाएंगे। इससे न केवल नाम हटाने की प्रक्रिया साफ-सुथरी होगी बल्कि राजनीतिक दलों के बीच विवाद भी कम होंगे। हालांकि, कांग्रेस और विपक्ष का मानना है कि आयोग को और पारदर्शिता लानी होगी और हर मामले में ठोस सबूत जनता के सामने रखने होंगे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

शासन ने यात्रा मार्गों पर अश्ववंशीय पशुओं के संचालन के लिए जारी की नई...

0
देहरादून। राज्य सरकार द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने तथा यात्रा मार्गों पर अश्ववंशीय पशुओं के कल्याण एवं संरक्षण के...

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गजा घण्टाकर्ण महोत्सव का किया शुभारम्भ

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गजा घण्टाकर्ण महोत्सव-2026 के अवसर पर क्षेत्र के समग्र विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने घंटाकर्ण महादेव...

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा को दी 138 करोड़ की सौगात

0
देहरादून/अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अल्मोड़ा पहुंचकर करीब 138 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना...

सीएम ने उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प दोहराया

0
देहरादून/अल्मोड़ा। राज्य स्तरीय एसडीजी एचीवर्स अवार्ड समारोह अल्मोड़ा के उदय शंकर नृत्य एवं संगीत अकादमी में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी...

गर्मी से राहत के आसार, कल से बारिश का अलर्ट

0
देहरादून। उत्तराखण्ड में भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के विभिन्न...