22.1 C
Dehradun
Saturday, April 18, 2026


spot_img

सीमान्त गाँवों के विकास एवं पलायन रोकथाम को ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

देहरादून। सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल ने आज सभी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम एवं वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव ग्राम्य विकास ने स्पष्ट किया कि कार्ययोजना बनाते समय आजीविका सृजन गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए। प्रत्येक चिन्हित विकासखंड में कम से कम एक मदर पोल्ट्री यूनिट की स्थापना, तथा स्थानीय स्तर पर मत्स्य पालन, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, सामुदायिक पर्यटन, प्रसंस्करण आदि गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा हेतु चेन-लिंक फेंसिंग के प्रस्ताव भी शामिल करने के निर्देश दिए गए ताकि पलायन रोकने और रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने में मदद मिल सके। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को प्रस्तावित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही जनपदों में संचालित ग्रोथ सेंटरों के उत्पादों के विपणन एवं उनकी नियमित मॉनिटरिंग पर भी बल दिया गया।
सीमांत जनपद चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चम्पावत एवं उधम सिंह नगर की योजनाओं की अलग से प्रगति समीक्षा की गई। सचिव ने निर्देश दिया कि बार्डर एरिया के गावों के लिए क्लस्टर आधारित ग्राम संतृप्तीकरण कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें मूलभूत सुविधाओं के साथ आजीविका-सृजन एवं स्वरोजगार परक गतिविधियाँ सम्मिलित हों। वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत प्रत्येक सीमांत गाँव को सड़क, 4जी टेलीकॉम कनेक्टिविटी, टीवी कनेक्टिविटी एवं ग्रिड विद्युत से संतृप्त करने के निर्देश दिए गए। चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जनपदों को वीवीपी-1 के गांवों की संतृप्तीकरण कार्य योजना शीघ्र पोर्टल पर भेजने के लिए कहा गया। प्रत्येक वीवीपी गांव के लिए समेकित पर्यटन विकास योजनाएँ भी तैयार की जाएंगी। सचिव ने सूचित किया कि सभी योजनाओं के प्रस्ताव समय पर प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन पोर्टल को एक सप्ताह के भीतर क्रियाशील करने के निर्देश एसपीएमयू एवं आईटीडीए को दिए गए। बैठक में अपर सचिव ग्राम्य विकास श्रीमती अनुराधा पाल, संयुक्त विकास आयुक्त संजय कुमार सिंह, उपायुक्त ए.के. राजपूत, डॉ. प्रभाकर बेबनी सहित एसपीएमयू एवं आईटीडीए के अधिकारी मौजूद रहे। सभी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

चुनाव से पहले आयोग का बड़ा एक्शन, तमिलनाडु-पश्चिम बंगाल में 865 करोड़ की नकदी-ड्रग्स...

0
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने कहा कि जांच एजेंसियों ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु और बंगाल में 865 करोड़ रुपये से अधिक...

लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं, पक्ष में 298 और विरोध में...

0
नई दिल्ली। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 को लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण मंजूरी नहीं मिल सकी। विधेयक के पक्ष में...

तमिलनाडु के कोयंबटूर में वैन खाई में गिरने से 10 लोगों की मौत, कई...

0
नई दिल्ली। तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में पहाड़ी सड़क पर जा रही एक वैन के लुढ़क जाने से दस लोगों की मौत हो गई...

सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में 55 हजार से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी

0
नई दिल्ली। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 55 हजार से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी है। यह स्टार्टअप इंडिया पहल के शुभारंभ...

31 आईएएस-पीसीएस अधिकारियों के दायित्व बदले गए

0
देहरादून। राज्य शासन ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) के पांच, प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) के 25 और सचिवालय सेवा...