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Tuesday, August 4, 2026


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यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की भेंट

देहरादून। पर्यटन-धर्मस्व संस्कृति सिंचाई एवं लोकनिर्माण विभाग मंत्री सतपाल महाराज की उपस्थिति में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से  लखनऊ में शिष्टाचार भेंट की तथा आगामी चारधाम सहित श्री बदरीनाथ केदारनाथ धाम यात्रा का आमंत्रण दिया। इस दौरान बीकेटीसी अध्यक्ष ने राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री से पर्यटन-तीर्थाटन के संबंध भी वार्ता की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट के दौरान बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि उत्तराखंड में 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देश में श्री केदारनाथ धाम का भब्य पुनर्निर्माण हुआ है तथा श्री बदरीनाथ धाम में पुनर्निर्माण का कार्य प्रगति पर है, बताया कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट इस यात्रा वर्ष 22 अप्रैल तथा श्री बदरीनाथ धाम के कपाट इस यात्रा वर्ष 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुल रहे है।
भेंट के  दौरान बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति की लखनऊ तथा हंसुआ-फतेहपुर की भवन  एवं बगीचों तथा भूमि को विनिमय कर उप्र सरकार में समाहित करने तथा उसके स्थान पर बीकेटीसी को हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश में उप्र सरकार की उपलब्ध  भूमि को दिये जाने संबंधी एक पत्र सौंपा। जिसपर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सकारात्मक कार्यवाही  का आश्वासन दिया। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया कि  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद-गड़बड़झाला में बीकेटीसी की लगभग 11000 (ग्यारह हजार) वर्ग फीट भूमि है, जिस पर तीन पुराने भवन एवं एक छोटा मंदिर, जो पूजा घर के रूप में है, उक्त संपत्ति लखनऊ शहर के व्यावसायिक क्षेत्र के केंद्र में स्थित है एवं इसी तरह लखनऊ से 90 किमी दूरी पर  हंसुवा फतेहपुर में  क्रमशः 51452 वर्गफीट (एक बगीचा) एवं 24025 वर्गफीट (43) दुकाने एवं 02 गोदाम जीर्ण शीर्ण एवं खाली भूमि) है।इस प्रकार श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति की कुल 86477 वर्गफीट भूमि उत्तर प्रदेश में अवस्थित है। बताया कि  संपत्तियों से वर्तमान में मंदिर समिति को किसी भी प्रकार की आमदनी नहीं है वरन देखरेख पर व्यय अधिक होता है।उत्तराखंड राज्य निर्माण के पश्चात श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति उक्त स्थल की देखभाल अधिक दूरी होने के कारण कुशलतापूर्वक नहीं कर पा रही है, जिसके चलते कई भू-माफियाओं की  नजर इस भूमि पर है।  बीकेटीसी की इस भूमि के  खुर्द-बुर्द होने  की संभावना है।

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