नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कई देशों ने अपने नागरिकों और दूतावास कर्मचारियों के परिवारों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया है। ऐसे में संभावित सैन्य टकराव की आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
डोनल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली अमेरिकी सरकार ने मिडिल ईस्ट पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। वहीं ओमान, जो इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, ने कहा है कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन समझौता अभी नहीं हुआ है।
वॉशिंगटन में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अन्य अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। अमेरिका और ईरान के बीच अगले हफ्ते वियना में फिर से बातचीत होगी।
यूनाइटेड किंगडम ने सुरक्षा खतरे को देखते हुए ईरान से अपने दूतावास कर्मचारियों को अस्थायी रूप से वापस बुला लिया है। ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने कहा है कि तेहरान में दूतावास सीमित तरीके से काम कर रहा है और आम नागरिकों को सीधे मदद देना फिलहाल संभव नहीं है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के यरुशलम स्थित दूतावास ने गैर-जरूरी सरकारी अधिकारियों और उनके परिवारों को इजरायल छोड़ने की अनुमति दे दी है। यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया है।चीन ने इजरायल में रह रहे अपने नागरिकों से सुरक्षा इंतजाम कड़े करने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है। साथ ही चीन ने अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने और वहां मौजूद लोगों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है।
जर्मनी के दूतावास ने चेतावनी दी है कि ईरान की सुरक्षा स्थिति बेहद अस्थिर है और कभी भी सैन्य झड़प हो सकती है। साथ ही हवाई क्षेत्र बंद होने या उड़ानों पर रोक लगने की भी आशंका जताई गई है।
भारत के तेहरान स्थित दूतावास ने भारतीय नागरिकों को उपलब्ध किसी भी साधन से ईरान छोड़ने की सलाह दी है। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने अपने नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने और वहां की यात्रा से पूरी तरह बचने को कहा है। उन्होंने कहा कि संघर्ष की संभावना बहुत वास्तविक है और बाद में निकासी संभव नहीं हो सकती।
स्वीडन की विदेश मंत्री मारिया माल्मर स्टेनरगार्ड ने भी अपने नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की अपील की है। सर्बिया के विदेश मंत्रालय ने आने वाले दिनों में ईरान की यात्रा न करने और वहां मौजूद नागरिकों को तुरंत लौटने को कहा है। दक्षिण कोरिया के दूतावास ने क्षेत्र में तेजी से बढ़ते तनाव का हवाला देते हुए अपने नागरिकों से जल्द से जल्द ईरान छोड़ने और यात्रा योजनाएं रद या स्थगित करने की सलाह दी है।
अमेरिका-ईरान तनाव: भारत समेत कई देशों की अपने नागरिकों को चेतावनी, मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा
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