देहरादून/शिलांग। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने शुक्रवार को शिलांग स्थित असम रेजिमेंटल सेंटर में आयोजित असम रेजिमेंट के 7वें बैच के अग्निवीरों की भव्य पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए नवप्रशिक्षित अग्निवीरों को संबोधित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने अग्निवीरों को राष्ट्रसेवा, अनुशासन, समर्पण और सैन्य मूल्यों के प्रति प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल सैन्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन केवल एक औपचारिक सैन्य उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा के एक नए अध्याय का शुभारंभ है। उन्होंने कहा कि असम रेजिमेंट के 7वें बैच के अग्निवीरों ने अपने प्रशिक्षण, अनुशासन और संकल्प से यह सिद्ध किया है कि भारत की सीमाएं सुरक्षित हाथों में हैं। उन्होंने अग्निवीरों को संबोधित करते हुए कहा कि अब उनकी कोई क्षेत्रीय अथवा व्यक्तिगत पहचान नहीं, बल्कि उनकी एकमात्र पहचान “भारतीय सैनिक” है, एक ही धर्म “राष्ट्रधर्म” और एक ही जाति “भारतीय” है।
राज्यपाल ने असम रेजिमेंट से अपने आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इस गौरवशाली रेजिमेंट के सैनिक रहे हैं और आज यहां उपस्थित होकर उन्हें अपनी मातृकृरेजिमेंट में ट्टघर वापसी’ जैसा अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि असम रेजिमेंट ने केवल उन्हें सैनिक के रूप में प्रशिक्षित नहीं किया, बल्कि कठोर अनुशासन, उत्कृष्ट परंपराओं और राष्ट्रसेवा के संस्कारों से उनके व्यक्तित्व का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि असम रेजिमेंट का इतिहास अद्वितीय वीरता, बलिदान और राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक रहा है। जब भी राष्ट्र पर संकट आया, इस रेजिमेंट के वीर सैनिकों ने अदम्य साहस और पराक्रम से दुश्मनों के मंसूबों को ध्वस्त किया। राज्यपाल ने अग्निवीरों का आह्वान किया कि वे इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें। राज्यपाल ने इस अवसर पर उपस्थित अग्निवीरों के माताकृपिता एवं अभिभावकों को भी नमन करते हुए कहा कि वे धन्य हैं जिन्होंने अपने पुत्रों को राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवार राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं।
असम रेजिमेंट के 7वें बैच के अग्निवीरो की पासिंग आउट परेड में राज्यपाल ने किया में प्रतिभाग
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