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Monday, August 24, 2026


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चेन्नई में थर्मल पावर स्टेशन का निर्माणाधीन ढांचा गिरा, नौ लोगों की मौत; पीएम मोदी ने जताया शोक

चेन्नई: उत्तर चेन्नई थर्मल पावर स्टेशन के निर्माण स्थल पर सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार निर्माणाधीन ढांचा गिरने से नौ लोगों की मौत हो गई है। वहीं, कई श्रमिकों को गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों को तत्काल उत्तर चेन्नई स्थित स्टैनली सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे पर शोक जताया और मुआवजे का एलान किया है।
उन्होंने कहा कि इस हादसे में प्रभावित परिवारों के साथ उनकी संवेदनाएं हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है। पीएम ने इसे दुखद और पीड़ादायक क्षण बताया।
पुलिस आयुक्तालय ने बताया कि हादसे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में कहा गया है कि निर्माण कार्य के दौरान अचानक ढांचा गिर गया, जिससे मौके पर काम कर रहे श्रमिक इसकी चपेट में आ गए> घटनास्थल पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
पावर प्लांट की साइट पर निर्माण का काम चल रहा था। मजदूर एक मचान पर चढ़कर काम कर रहे थे। इस दौरान अचानक मचान नीचे गिर पड़ी। इससे करीब 30 फीट से मजदूर नीचे गिरे और तेज आवाज हुई। ऐसे में मजदूरों ने आनन-फानन में खुद राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया और पावर प्लांट के अधिकारियों को इस हादसे की जानकारी दी।
हादसे की जानकारी मिलते ही तमिलनाडु बिजली बोर्ड के सचिव डॉ. जे. राधाकृष्णन और तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन (टैंगेडको) के चेयरमैन स्टैनली सरकारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया।
राज्य सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम हादसे के कारणों की पड़ताल कर रही है। श्रमिकों की सुरक्षा और निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ये थर्मल पावर प्लांट चेन्नई में स्थित एक कोयला आधारित बिजली संयंत्र है। इसे 1970 में स्थापित किया गया था। इसकी क्षमता 450 मेगावाट है। यह राज्य का एक महत्वपूर्ण बिजली प्रदाता रहा है। वर्तमान में एन्नोर एसईजेड सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट जैसी विस्तार परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिनका लक्ष्य सितंबर 2026 तक शुरू होना है।

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