22.6 C
Dehradun
Friday, July 10, 2026


spot_img

उपलब्धिः उत्तराखण्ड ने वित्तीय प्रबंधन में हिमालयी राज्यों में पाया दूसरा स्थान

देहरादून। रजत जयंती वर्ष में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि उत्तराखंड के खाते में आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने वित्तीय प्रबंधन और राजकोषीय अनुशासन में शानदार प्रदर्शन किया है। एजेएनआईएफएम की कंपोजिट पब्लिक फाइनेंशियल परफॉर्मेंस इंडेक्स रैंकिंग में विशेष दर्जा प्राप्त हिमालयी राज्यों में ओवरऑल प्रदर्शन में अरुणाचल प्रदेश के बाद उत्तराखंड ने दूसरा स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के प्रतिष्ठित वित्तीय संस्थान अरुण जेटली नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर फाइनेंशियल मैनेजमेंट (एजेएनआईएफएम) ने वर्ष वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए राजकोषीय और वित्तीय प्रबंधन के आधार पर देशभर के राज्यों की रैंकिंग निर्धारित की है।
विशेष दर्जा प्राप्त हिमालयी राज्यों में धामी सरकार ने अपने गुड गवर्नेंस से विशिष्ट स्थान बनाया है। एजेएनआईएफएम ने 23 मानकों पर राज्यों के वित्तीय प्रबंधन और राजकोषीय अनुशासन को परखा है। संसाधनों के प्रबंधन में उत्तराखंड सरकार ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रथम रैंक हासिल की है। जबकि पड़ोसी राज्य हिमाचल ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसी प्रकार कँटीजेन्ट लायबिलिटी इंडेक्स में उत्तराखंड ने पहला स्थान हासिल किया है। ऋण प्रबंधन में राज्य को पांचवां स्थान मिला है। ऋण प्रबंधन में राज्य ने सुधार किया है। हिमाचल प्रदेश इस श्रेणी में 10वें स्थान पर रहा है। घाटा प्रबंधन में उत्तराखंड को पांचवां स्थान मिला है जबकि हिमाचल पीछे रहा है। इससे पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में उत्तराखंड ने घ्5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष दर्ज कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उत्तराखण्ड राजस्व अधिशेष में अव्वल राज्यों में शामिल हो गया है।
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह वित्तीय सुधार और सुशासन की दिशा में बड़ी उपलब्धि है। हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेकर राज्य को वित्तीय रूप से सशक्त और सुदृढ़ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्ध भविष्य की दिशा में रखा गया एक मजबूत कदम है। सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन की नीति पर आगे बढ़ते हुए उत्तराखण्ड को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले मुख्य पुर्ज़ों पर मूल सीमा शुल्क...

0
नई दिल्ली। सरकार ने स्मार्टफोन, लैपटॉप, पहनने योग्‍य स्‍मार्ट उपकरणों और स्मार्ट टीवी जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से...

विकसित भारत-2047 के लिए जे.पी. नड्डा का बुद्धिजीवियों से राष्ट्र निर्माण का आह्वान

0
नई दिल्ली।  केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बुद्धिजीवियों से विकासशील भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राष्ट्र...

‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- भारत-ऑस्ट्रेलिया गठबंधन नई उल्लेखनीय ऊंचाइयों...

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज ऑस्‍ट्रेलिया के मेलबर्न में ऐतिहासिक मेलबर्न मीट्स मोदी कार्यक्रम में कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया गठबंधन नई उल्लेखनीय ऊंचाइयों...

भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण पोत सुदर्शनी ने अमरीका के न्यूयॉर्क में अपनी यात्रा पूरी...

0
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण पोत सुदर्शनी ने अमरीका के न्यूयॉर्क में अपनी यात्रा पूरी की। यह चल रहे लोकायन 2026 समुद्री अभियान...

देहरादून महायोजना-2041ः जनता की आवाज से आकार ले रहा देहरादून का भविष्य

0
देहरादून। राजधानी देहरादून के भावी विकास की दिशा तय करने वाली देहरादून महायोजना-2041 को जनभागीदारी के आधार पर अंतिम रूप देने के लिए मसूरी-देहरादून...