28.1 C
Dehradun
Friday, May 8, 2026


spot_img

23 साल बाद जाकर सीएम ने मूल निवास को फिर दी पहचान

देहरादून: राज्य गठन के बाद से आज तक पूरे 23 साल बाद जाकर सीएम धामी ने मूल निवास को फिर दी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मूल निवास प्रमाण पत्र को न मानने वालों के सख्त कदम उठाते हुए नई व्यवस्था जारी कर दी है।

अब ऐसे मूल निवासी, जिनके मूल निवास प्रमाण पत्र बने हुए हैं, उन्हें स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनाने की कोई जरूरत नहीं होगी। उनके पुराने मूल निवास प्रमाण पत्र ही मान्य होंगे। उनके मूल निवास प्रमाण पत्र की पहचान बनी रहेगी। मूल निवासियों की पहचान बचाए रखने और मूल निवास प्रमाण पत्र के महत्व को बनाए रखने को सीएम धामी की ओर से बड़ा फैसला लिया गया है।

इस फैसले के तहत सचिव विनोद कुमार सुमन ने बुधवार को स्पष्ट आदेश जारी कर दिए हैं। इस आदेश के तहत अब मूल निवास प्रमाण पत्र धारक से कोई भी विभाग स्थाई निवास प्रमाण पत्र की मांग नहीं करेगा। सरकारी नौकरियों, सरकार की योजनाओं में मूल निवास प्रमाण पत्र ही मान्य होंगे। सरकारी विभागों में मूल निवास प्रमाण पत्र की इस अनदेखी का स्वयं सीएम पुष्कर सिंह धामी ने संज्ञान लिया था। सीएम की सख्ती के बाद ही तत्काल सचिव सामान्य प्रशासन की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं।

सीएम के इस फैसले ने मूल निवासियों को वो पहचान दे दी है, जिसके लिए वे 23 साल से इंतजार कर रहे थे। नवंबर 2001 को एक आदेश ने राज्य में मूल निवास प्रमाण पत्र बनाने बंद कर दिए थे। बाद के वर्षों में विभागों ने मूल निवास प्रमाण पत्र की अनदेखी शुरू कर दी थी। नौकरियों, सरकारी योजनाओं में पात्रता में मूल निवास प्रमाण पत्र का प्रावधान ही नहीं किया जाता था। सिर्फ स्थाई निवास प्रमाण पत्र का जिक्र किया जाता था।

इसी आधार पर अफसर मूल निवास प्रमाण पत्र के स्थान स्थाई निवास प्रमाण पत्र की मांग करते रहे। इन तमाम किंतु परंतु पर बुधवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पूरी तरह विराम लगा दिया। ऐसा कर सरकार ने मूल निवासियों की पहचान बचाए रखने को मास्टर स्ट्रोक चल दिया है। राज्य के मूल निवासियों को उनकी पहचान सुनिश्चित करा दी है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

राष्ट्र का ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान...

0
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर आज राष्ट्र ने सशस्त्र बलों के साहस, प्रतिबद्धता और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। पिछले वर्ष इसी...

देश में सरकारी खाद्यान्न भंडार 604 लाख टन के पार: प्रल्हाद जोशी

0
नई दिल्ली। उपभोक्ता कार्य, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा है कि देश में सरकारी खाद्यान्न भंडार 604 लाख टन से...

पश्चिम बंगाल के राज्‍यपाल ने विधानसभा भंग की

0
नई दिल्ली। नई सरकार के गठन की तैयारियों के बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा को औपचारिक रूप से भंग कर दिया गया है। राज्यपाल आर....

उपभोक्ताओं से बंद सेवा का शुल्क नहीं वसूला जा सकता: सर्वोच्च न्यायालय

0
नई दिल्ली।  सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि उपभोक्ताओं को उस सेवा के लिए भुगतान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता...

उत्तराखण्ड सीबीसीआईडी की बड़ी सफलता: धेनु ग्रुप धोखाधड़ी मामले का मुख्य अभियुक्त व ₹50,000...

0
देहरादून: उत्तराखण्ड पुलिस अपराध अनुसंधान शाखा (सीबीसीआईडी), सेक्टर देहरादून ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ₹50,000 के ईनामी फरार अभियुक्त देवेन्द्र प्रकाश तिवारी...