28 C
Dehradun
Saturday, April 11, 2026


spot_img

पुतिन के बाद अब ट्रंप के दो शीर्ष अधिकारी पहुंच रहे दिल्ली, व्यापार से लेकर रक्षा-तकनीक बड़ा एजेंडा

नई दिल्ली। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पीएम नरेन्द्र मोदी ने पिछले शुक्रवार को नई दिल्ली यात्रा में भारत व रूस के बीच आपसी संबंधों को प्रगाढ़ करने को लेकर जो बातें की है उससे भारत व अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों पर कोई प्रतिकूल असर पड़ता नहीं दिख रहा है। ऐसा होता तो ट्रंप प्रशासन के दो वरिष्ठ अधिकारी इस हफ्ते भारत का दौरा नहीं कर रहे होते। अमेरिका की उप विदेश मंत्री (राजनीतिक मामलों ) एलीसन हूकर 7 से 11 दिसंबर तक नई दिल्ली और बेंगलुरु के दौरे पर रहेंगी। जबकि इसी दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) के वरिष्ठ अधिकारी रिक स्वित्जर भी भारत में कारोबारी वार्ता के लिए मौजूद रहेंगे।
स्वित्जर की इस यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के बीच कारोबारी समझौते के कुछ शेष मुद्दों पर सहमति बन जाने की संभावना है।अमेरिकी सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, “अमेरिका की उप-विदेश मंत्री हूकर की यह यात्रा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत बनाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मुक्त व सभी के लिए समान अवसर वाला क्षेत्र बनाने की दिशा में एक और कदम है।”
हूकर नई दिल्ली में विदेश सचिव विक्रम मिश्री के साथ विदेश मंत्रालय स्तरीय परामर्श में अमेरिकी दल का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और साझा प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा होगी। वह बेंगलुरु में इसरो मुख्यालय का दौरा भी करने वाली हैं जहां भारतीय अंतरिक्ष, ऊर्जा तथा टेक्नोलॉजी सेक्टर के प्रमुख नेताओं से मुलाकात करेंगी। भारतीय अधिकारियों ने बताया है कि यूएसटीआर कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी रिक स्वित्जर की मौजूदगी से साफ है कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देना चाहता है। दोनों देशों के बीच अक्टूबर व नवंबर में इस बारे में जो वार्ताएं हुई हैं उसमें अमेरिकी निर्यात बढ़ाने, भारतीय बाजार में अमेरिकी कंपनियों के लिए बेहतर पहुंच और कुछ संवेदनशील क्षेत्रों (जैसे डेयरी, मेडिकल डिवाइसेज) में शुल्क कम करने जैसे मुद्दों पर काफी हद तक सहमति बन गई है।
भारत की तरफ से भी वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय पूरी सक्रियता से इन वार्ताओं की तैयारी मे्ं जुटा है। वैसे यह भी उल्लेखनीय तथ्य है कि राष्ट्रपति पुतिन जिन दो दिनों तक भारत यात्रा पर थे उन्हीं दो दिनों यानी 4-5 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली में क्वाड के सभी चारों सदस्यों (अमेरिका, भारत, जापान व आस्ट्रेलिया) के बीच आतकंवाद के खिलाफ सहयोग पर एक अहम बैठक हुई है। इसमें आतंकवाद के खिलाफ क्वाड सदस्य किस तरह से आपसी सहयोग को आगे बढ़ाएंगे, इस पर चर्चा हुई है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

लेबनान में इजरायली हमलों पर भारत ने जताई गहरी चिंता, कहा- अंतरराष्ट्रीय कानून का...

0
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने लेबनान पर हो रहे लगातार हमले और इसकी वजह से नागरिकों की बड़ी...

परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की उपलब्धि की दुनिया भर में हो रही...

0
नई दिल्ली। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की ऐतिहासिक सफलता का वैश्विक स्तर पर जमकर सराहना हो रही है। तमिलनाडु के कलपक्कम में...

42 कैडरों के आत्मसमर्पण के साथ सशस्त्र माओवाद से मुक्त हुआ तेलंगाना, राज्य के...

0
नई दिल्ली। तेलंगाना राज्य 42 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण के साथ ही अब पूरी तरह से भाकपा (माओवादी) सशस्त्र संगठनों से मुक्त हो गया...

चारधाम यात्रा-2026″ को लेकर डीजीपी की हाई-लेवल बैठक, सुरक्षा से यातायात तक तैयारियों की...

0
देहरादून। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ की अध्यक्षता में आगामी चारधाम एवं हेमकुण्ड साहिब यात्रा-2026 की तैयारियों के सम्बन्ध में आज सरदार पटेल भवन, स्थित...

उत्तराखंड में ‘जनगणना 2027’ के पहले चरण का शुभारंभ

0
देहरादून। उत्तराखंड में ‘जनगणना 2027’ के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रि) गुरमीत सिंह तथा...