नई दिल्ली। कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत ने इस वर्ष 3 करोड़ 76 लाख टन अनाज और 3 करोड़ 77 लाख टन बागवानी उत्पादों की पैदावार की है। नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने कहा कि वैज्ञानिक अब किसानों के साथ मिलकर काम करने के लिए सीधे खेतों में जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि खेत बचाओ अभियान के तहत 1600 से अधिक वैज्ञानिक दल 728 जिलों में पहुंचे। ये वैज्ञानिक विशेष रूप से उन जिलों में पहुंचे, जिनके अल नीनो से दुष्प्रभावित होने की आशंका हैं। उन्होंने लगभग एक करोड़ किसानों से संपर्क किया।
मंत्री ने कहा कि सरकार मिशन आईसीएआर-100 शुरू करेगी, जिसके अंतर्गत 100 युवा वैज्ञानिक ग्राम चुनौती के तहत काम करेंगे। श्री चौहान ने कहा कि इस चुनौती के दौरान युवा वैज्ञानिक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, सटीक कृषि और जलवायु-अनुकूल खेती जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में नवाचार करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करेंगे। उन्होंने कहा कि मंत्रालय 100 जलवायु-अनुकूल गांवों का विकास भी करेगा जो जलवायु-लचीली, टिकाऊ और आधुनिक कृषि के लिए आदर्श मॉडल के रूप में कार्य करेंगे। मंत्री ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने पिछले वर्ष के दौरान 44 फसलों में 386 उन्नत किस्में विकसित की हैं, जिनमें से 94 प्रतिशत जलवायु-लचीली हैं और 29 जैव-पोषक तत्वों से भरपूर हैं।

















