28 C
Dehradun
Saturday, April 11, 2026


spot_img

जटिल कैंसर की सर्जरी में अब मदद करेगा AIIMS का ‘दा विंची’ रोबोट, ट्रायल में 100 सर्जरी रहीं सफल

नई दिल्ली। एम्स दिल्ली ने डा. भीम राव अंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर हास्पिटल के सर्जिकल आंकोलाजी विभाग में शनिवार को उन्नत रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत करते हुए ‘दा विंची’ रोबोट लांच किया गया। यह रोबोटिक तकनीक मलाशय, ग्रासनली, अग्न्याशय और स्त्री रोग संबंधी कैंसर से जुड़े जटिल मामलों में सर्जन की मदद करेगा।
लांच से पहले ही ट्रायल के तौर पर इसके सहयोग से 100 से अधिक मरीजों की सर्जरी भी की गई, जिसके परिणाम बहुत ही सकारात्मक रहे। बढ़ती मांग और सर्जरी में सटीकता को देखते हुए मरीजों के लिए इसे शुरू कर दिया गया है।
सर्जिकल आंकोलाजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि इस पद्धति से रोगियों को अक्सर छोटे चीरे, कम रक्त हानि, कम दर्द, तेज रिकवरी और कम जटिलताओं का लाभ मिलता है, जिससे उन्हें स्वस्थ होकर जल्दी घर लौटने में मदद मिलती है। दा विंची प्रणाली से सर्जनों को बेहतर दृश्यता, नियंत्रण और सटीकता भी प्राप्त हो रही है।
इस कार्यक्रम के साथ एम्स दिल्ली सार्वजनिक क्षेत्र में आंकोलाजी सर्जरी के लिए नए मानक स्थापित कर रहा है। साथ ही देशभर के लोगों के लिए अत्याधुनिक उपचार तक पहुंच को सुगम बना रहा है। भविष्य में विभाग परिणामों का दस्तावेजीकरण करके अनुसंधान में योगदान देकर और व्यापक सर्जिकल समुदाय के साथ सीख साझा करके इस गति को और आगे बढ़ाने की योजना बना रहा है।
विभाग में दा विंची का उपयोग करके विभिन्न प्रकार की कैंसर सर्जरी करने के लिए पांच प्रशिक्षित सर्जन कार्यरत हैं। इनमें मलाशय, ग्रासनली, अग्न्याशय, यूरोलाजी और स्त्री रोग संबंधी कैंसर से जुड़े जटिल मामले शामिल हैं, जहां सटीकता नितांत आवश्यकता है।
यह प्रणाली विशेष रूप से अत्यंत कम मलाशय सर्जरी, अग्नाशय के कैंसर के लिए व्हिपल की प्रक्रियाएं (एक जटिल सर्जरी है जिसमें अग्न्याशय के शीर्ष, ग्रहणी, पित्ताशय और पित्त नली का एक हिस्सा हटाया जाता है) और उन्नत छाती के आपरेशन जैसी जटिल प्रक्रियाओं के लिए उपयोगी है। इस क्षमता के साथ विभाग अब कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण कैंसर सर्जरी को भी सटीकता के साथ कर सकता है।
एम्स के कौशल, ई-लर्निंग और टेलीमेडिसिन सुविधा (एसईटी) में प्रशिक्षण के लिए 11 सितंबर को ‘दा विंची’ सर्जिकल रोबोट लाया गया। एक समझौता ज्ञापन के तहत इंट्यूटिव सर्जिकल्स की ओर से रोबोटिक-सहायता प्राप्त सर्जरी में प्रशिक्षण के लिए प्रदान किया गया था। एम्स नई दिल्ली देश का एकमात्र संस्थान है जिसके पास केवल प्रशिक्षण के लिए दो सर्जिकल रोबोट हैं। मेडट्रानिक्स द्वारा प्रदान किया गया एक ह्यूगो प्रशिक्षण रोबोट पहले से ही एसईटी सुविधा केंद्र में मौजूद था। एसईटी सुविधा का उपयोग एम्स और अन्य संस्थानों के प्रशिक्षुओं और संकाय सदस्यों को ट्रेनिंग देने में किया जाता है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

लेबनान में इजरायली हमलों पर भारत ने जताई गहरी चिंता, कहा- अंतरराष्ट्रीय कानून का...

0
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने लेबनान पर हो रहे लगातार हमले और इसकी वजह से नागरिकों की बड़ी...

परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की उपलब्धि की दुनिया भर में हो रही...

0
नई दिल्ली। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की ऐतिहासिक सफलता का वैश्विक स्तर पर जमकर सराहना हो रही है। तमिलनाडु के कलपक्कम में...

42 कैडरों के आत्मसमर्पण के साथ सशस्त्र माओवाद से मुक्त हुआ तेलंगाना, राज्य के...

0
नई दिल्ली। तेलंगाना राज्य 42 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण के साथ ही अब पूरी तरह से भाकपा (माओवादी) सशस्त्र संगठनों से मुक्त हो गया...

चारधाम यात्रा-2026″ को लेकर डीजीपी की हाई-लेवल बैठक, सुरक्षा से यातायात तक तैयारियों की...

0
देहरादून। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ की अध्यक्षता में आगामी चारधाम एवं हेमकुण्ड साहिब यात्रा-2026 की तैयारियों के सम्बन्ध में आज सरदार पटेल भवन, स्थित...

उत्तराखंड में ‘जनगणना 2027’ के पहले चरण का शुभारंभ

0
देहरादून। उत्तराखंड में ‘जनगणना 2027’ के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रि) गुरमीत सिंह तथा...