नई दिल्ली: नई दिल्ली में बुधवार को बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) डॉ. खलीलुर रहमान और भारत के एनएसए अजीत डोभाल की मुलाकात ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत दिया। शेख हसीना की सत्ता से बेदखली और मौत की सजा के बाद संबंधों में आई खटास के दौर में यह मुलाकात सुरक्षा और राजनीतिक स्तर पर जारी संवाद का सबसे उच्च स्तरीय कदम मानी जा रही है। यह बैठक कोलंबो सिक्योरिटी कंन्क्लेव (सीएससी) की सातवीं एनएसए स्तरीय बैठक से पहले हुई।
बांग्लादेश हाई कमीशन के बयान के अनुसार दोनों एनएसए ने कोलंबो सिक्योरिटी कंन्क्लेव के कामकाज और प्रमुख द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। रहमान ने एनएसए डोभाल को बांग्लादेश के दौरे का निमंत्रण भी दिया। रहमान इस बार सीएससी बैठक में बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब बांग्लादेश ने भारत से औपचारिक रूप से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने का अनुरोध किया है, जिन्हें बांग्लादेश की अदालत ने 2024 के आंदोलन के दौरान “मानवता के खिलाफ अपराध” का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि उसने बांग्लादेश की अदालत के फैसले का संज्ञान लिया है और भारत, पड़ोसी देश होने के नाते, बांग्लादेश के “शांति, लोकतंत्र, समावेशन और स्थिरता” के सर्वोत्तम हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत सभी पक्षों से सकारात्मक तरीके से संवाद जारी रखेगा। इस मामले ने भारत बांग्लादेश संबंधों में असहजता पैदा की है, लेकिन बैठक के माध्यम से संकेत दिया गया कि दोनों देश सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग के स्तर पर बातचीत जारी रखना चाहते हैं।
इस मुलाकात को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि बांग्लादेश में आम चुनाव तीन महीने के भीतर होने वाले हैं। भारत ने सार्वजनिक तौर पर “फ्री, फेयर, इनक्लूसिव और पार्टिसिपेटरी” चुनाव की जरूरत पर जोर दिया है। वहीं बांग्लादेश की अंतरिम सरकार, जिसका नेतृत्व मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस कर रहे हैं, भारत के साथ सुरक्षा और आर्थिक सहयोग बनाए रखने के प्रयास में है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार अजीत डोभाल गुरुवार को सीएससी के सदस्य देशों मालदीव, मॉरीशस, श्रीलंका और बांग्लादेश के अपने समकक्षों की मेजबानी करेंगे। सेशेल्स पर्यवेक्षक राज्य के रूप में और मलेशिया अतिथि देश के रूप में शामिल होगा। सीएससी का लक्ष्य हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है। बैठक में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद और कट्टरपंथ से निपटने, साइबर सुरक्षा, ट्रांसनेशनल क्राइम और आपदा राहत जैसे मुद्दों की समीक्षा की जाएगी तथा 2026 के लिए रोडमैप और एक्शन प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा।
दोनों एनएसए के बीच हुई यह बैठक ऐसे समय में आयोजित हुई है जब दक्षिण एशिया में सत्ता परिवर्तन और भू-राजनीतिक दबावों के बीच सहयोग लगातार परखा जा रहा है। भारत और बांग्लादेश की ओर से इस संवाद को जारी रखना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुलाकात इस बात का संकेत है कि दोनों देश दबावों के बावजूद सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को प्राथमिकता देना चाहते हैं।
बांग्लादेश के NSA रहमान और भारत के NSA डोभाल की मुलाकात, कई मुद्दों पर हुई अहम चर्चा
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