22.4 C
Dehradun
Thursday, September 3, 2026


spot_img

जूनियर डॉक्टर की हत्या के बाद हरकत में बंगाल सरकार, राज्य में खुलेंगीं पांच नई पॉक्सो अदालतें

कोलकाता: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर की हत्या के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों से पश्चिम बंगाल सरकार हिल गई है। बंगाल कैबिनेट ने मंगलवार को राज्य में पांच और विशेष पॉक्सो अदालतें स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। अब राज्य में कुल अदालतों की संख्या 67 हो गई है। वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों को जल्द निपटाने के लिए कदम उठाया गया है। राज्य सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने की। बैठक के बाद चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में पहले से ही 62 पॉक्सो कोर्ट हैं।
उन्होंने कहा कि न्यायिक विभाग की ओर से पांच और विशेष POCSO अदालतें स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया था। कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी। हमारे पास छह ई-POCSO अदालतों सहित 62 ऐसी अदालतें हैं। इससे हमें बाल दुर्व्यवहार के मामलों को शीघ्रता से निपटाने में मदद मिलेगी। सूत्रों ने बताया कि बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सीएम के अलावा कोई अन्य मंत्री आरजी कर मुद्दे के संबंध में मीडिया में कोई बयान नहीं देगा।
केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने महिलाओं और लड़कियों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों को लागू करने में कथित विफलता के लिए पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल में दुष्कर्म और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण कानून (पॉक्सो) के 48,600 मामले लंबित हैं। इसके बावजूद राज्य ने शेष 11 विशेष त्वरित अदालतें शुरू करने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया।
जून, 2023 तक 123 त्वरित अदालतों में से बंगाल ने एक भी नहीं की शुरू
अक्तूबर 2019 में शुरू की गई विशेष त्वरित अदालतों से जुड़ी योजना, दुष्कर्म और पॉक्सो से संबंधित लंबित मामलों की सुनवाई और निपटारे में तेजी लाने के लिए तैयार की गई थी। इस योजना के तहत, केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को 123 ऐसी अदालतों की स्थापना के लिए कहा था, जिनमें 20 विशेष पॉक्सो अदालतें और दुष्कर्म व पॉक्सो दोनों मामलों के लिए 103 संयुक्त अदालतें शामिल हैं। मंत्री का कहना है कि जून, 2023 के मध्य तक इनमें से कोई भी अदालत चालू नहीं हुई थी। देवी ने बताया कि जून, 2023 में सात एफटीएससी शुरू करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के बावजूद, 30 जून, 2024 तक केवल छह विशिष्ट पॉक्सो अदालतें ही चल रही थीं।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा समिति की नई दिल्ली में हुई पहली बैठक भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा...

0
नई दिल्ली।  भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा समिति- जेडीसी की पहली बैठक आज नई दिल्ली में हुई। बैठक के दौरान, दोनों देशों ने प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास,...

नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 547; सीमा के दोनों तरफ...

0
नई दिल्ली। नेपाल और तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 547 हो गई है। 1,545 लोग अब भी लापता हैं। राहत...

भारत ने नेपाल में बचाव और राहत कार्यों के लिए 47 टन से ज़्यादा...

0
नई दिल्ली।  विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में बुधवार को अचानक बाढ़ की त्रासदी के बाद 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो...

लोक भवन में उल्लास और आत्मीयता के साथ मनाया गया रक्षाबंधन पर्व

0
देहरादून:  रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आज लोक भवन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि)...

मुख्यमंत्री धामी की बड़ी घोषणाः अब 60 वर्ष की आयु से महिलाओं को रोडवेज...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक...