नई दिल्ली। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग के तहत आयोजित कार्यक्रम में कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिये आतंक के खइलाफ एक नई लाल रेखा खींची है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि सैन्य कार्रवाई भारत के दुश्मनों के लिए भी कुछ सबक लेकर आई होगी।
जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिये आतंक के खिलाफ असहिष्णुता की एक नई लाल रेखा खींच दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सैन्य कार्रवाई ‘हमारे दुश्मनों के लिए भी कुछ सबक लेकर आई होगी।’ सीडीएस चौहान सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग के तहत आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
कार्यक्रम के दौरान सीडीएस चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान संबंधों में ‘रणनीतिक स्थिरता’ के विचार से संबंधित प्रश्नों का उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि ताली बजाने के लिए दो हाथों को एक साथ जोड़ना पड़ता है। उम्मीद है कि वे इसे समझेंगे।
उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर हमला किया था। आतंकियों ने गोली मारकर 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी, जिसके जवाब में भारतीय बलों ने सात मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले कर उन्हें नष्ट कर दिया।
भारत की कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने इसी ऑपरेशन के तहत उसके सभी प्रयासों को नाकाम कर दिया। इसके बाद, भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक सैन्य संघर्ष चला। हालांकि, 10 मई को दोनों पक्षों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई, जिसके बाद दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच संघर्ष समाप्त हो गया।
सीडीएस चौहान से पूछा गया कि संघर्ष से भारत को क्या सीख मिली। इसके जवाब में सीडीएस चौहान ने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अन्य देशों की स्वदेशी प्रणालियों और प्लेटफार्मों का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान के भीतर 300 किलोमीटर तक अंदर घुसे और हवाई रक्षा को सटीकता के साथ भेदने में सक्षम रहे। यह भारत की रक्षा तकनीक की ताकत को दर्शाता है।
इस सवाल का जवाब देते हुए सीडीएस अनिल चौहान ने कहा कि जो अहम सवाल है वह यह है नहीं है कि हमारे लड़ाकू विमान गिरे, बल्कि यह है कि हमने उड़ान भरी ही क्यों? (पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर हमला करने की ओर इशारा) अच्छी बात यह है कि हमने अपनी रणनीतिक गलती को समझा, उस गड़बड़ी को सुधारा और ठीक कर लिया। इसके बाद हमने दो दिन बाद उस रणनीति को फिर लागू किया और अपने सभी जेट्स को उड़ाया और लंबी दूरी तक निशाना बनाया।
पाकिस्तान का दावा है कि उसने भारत के छह लड़ाकू विमान मार गिराए, क्या यह सही है?
आगे जब उनसे पाकिस्तानी पीएम शहबाज के दावे को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे खारिज कर दिया गया। सीडीएस ने कहा, ‘बिल्कुल गलत, मैंने पहले ही कहा है कि यह अहम नहीं है कि हमारे लड़ाकू विमान गिरे या नहीं, अहम सवाल यह है कि इसके बाद हमने क्या किया।’
सीडीएस चौहान बोले-भारत ने आतंक के खिलाफ नई लाल रेखा खींची
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