देहरादून। सूबे के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट शिक्षा, शोध, स्वास्थ्य और कौशल विकास को सशक्त बनाने वाला दूरदर्शी व सर्वसमावेशी बजट है। यह बजट युवाओं को भविष्य के लिये तैयार करने के साथ-साथ भारत को वैश्विक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डॉ. रावत ने बताया कि केन्द्रीय बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिये 1,39,289 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 8.27 प्रतिशत अधिक है। बजट में पाँच यूनिवर्सिटी टाउनशिप स्थापित करने का प्रावधान किया गया है, जहाँ शोध, स्टार्ट-अप, नवाचार और इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। ये संस्थान विद्यार्थियों को इंडस्ट्री-रेडी बनाने पर विशेष फोकस करेंगे।
उन्होंने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी के सहयोग से देशभर के 15,000 विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट लैब स्थापित की जाएँगी। इसके साथ ही डिजिटल नॉलेज ग्रिड की स्थापना से छात्रों को उच्च गुणवत्ता की डिजिटल शिक्षा सामग्री उपलब्ध होगी, जिससे वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक जनपद में एक-एक महिला छात्रावास (गर्ल्स हॉस्टल) की स्थापना से बालिका शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी।
डॉ. रावत ने बताया कि केन्द्रीय बजट में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी बड़े और ऐतिहासिक निर्णय लिये गये हैं। देश में तीन नये एम्स की स्थापना, दो नये राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, तथा एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल संस्थानों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिये पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब विकसित किये जायेंगे, जो आधुनिक अस्पतालों, चिकित्सा शिक्षा एवं शोध सुविधाओं से युक्त इंटीग्रेटेड हेल्थ सेंटर्स के रूप में कार्य करेंगे।
उन्होंने बताया कि डायबिटीज, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से निपटने के लिये बायोफार्मा शक्ति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत देश में बायोलॉजिक्स व बायोसिमिलर दवाओं के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे उपचार सस्ता और सुलभ हो सकेगा।
डॉ. रावत ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये संचालित लखपति दीदी योजना के विस्तार की घोषणा भी बजट में की गई है। इस योजना के तहत महिलाओं को केवल आजीविका तक सीमित न रखकर उन्हें सफल उद्यमी के रूप में विकसित किया जायेगा। लखपति दीदियों की आय एवं उद्यम को बढ़ाने के लिये देशभर में सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट्स की स्थापना की जाएगी।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस जन-कल्याणकारी बजट के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि केन्द्रीय बजट के अनुरूप राज्य स्तर पर ठोस प्रस्ताव तैयार किये जाएँ, ताकि प्रदेशवासियों को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
केन्द्रीय बजट में शिक्षा, शोध, स्वास्थ्य व कौशल विकास पर फोकसः डॉ. धन सिंह रावत
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