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Wednesday, September 9, 2026


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कैमिस्ट्स की हड़ताल, मेडिकल स्टोर रहे बंद, ई-फार्मेसी पर प्रतिबंध की मांग

देहरादून। ई-फार्मेसी का विरोध देशभर में जारी है। इसी क्रम में 19 मई की रात 12 बजे से 20 मई की रात 12 बजे तक देशव्यापी हड़ताल के तहत मेडिकल स्टोर बंद हैं। उत्तराखंड समेत देशभर में मेडिकल स्टोर बंद होने की वजह से जनता को परेशानी हो रही है, लेकिन दवाइयों से संबंधित एसोसिएशन की ओर से मरीजों को दिक्कते न हो इसका भी ध्यान रखा गया है। इस हड़ताल से जन औषधि केंद्र, अस्पतालों में मौजूद फार्मेसी के साथ ही करीब 5 फीसदी मेडिकल स्टोर को बाहर रखा गया है।
उत्तराखंड में करीब 11 हजार से अधिक मेडिकल स्टोर हैं जिनको बंद कर दिया गया है। 24 घंटे के लिए मेडिकल स्टोर को बंद किया गया है। इस वजह से अकेले देहरादून में करीब 12 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है। प्रदेशभर में लगभग 95 फीसदी मेडिकल स्टोर हड़ताल में अपनी सहभागिता निभाई है। देहरादून जिले में मौजूद हजारों मेडिकल स्टोर में से 98 फीसदी स्टोर बंद हैं। जिसकी मुख्य वजह यही है कि ई फार्मेसी अब रिटेल और होलसेल मेडिकल स्टोर्स के लिए एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। हालांकि, आम जनता भी इस फार्मेसी को बढ़ावा दे रही है। ऑनलाइन न सिर्फ आसानी से उनको दवाइयां उपलब्ध हो जा रही हैं बल्कि सस्ती भी पड़ती हैं।
वर्तमान स्थिति यह है कि देश भर में ई-कॉमर्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है। साल 2020 में वैश्विक कोरोना काल के बाद जनता के लिए ई-कॉमर्स काफी अधिक सुविधाजनक साबित हुई। यही वजह है कि ई-कॉमर्स आज घर-घर तक पहुंच गया है। मौजूदा स्थितियां हैं कि ई-कॉमर्स के जरिए घर तक सामान पहुंच रही हैं। साथ ही इससे लोगों को सामान भी सस्ते दरों पर मिल रहा है। ई-कॉमर्स के बढ़ते चलन की वजह से रिटेल और होलसेल व्यापारियों के लिए चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं। साल दर साल न सिर्फ रिटेल और होलसेल का व्यासाय घट रहा है बल्कि होलसेल और रिटेल भी ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर आते जा रहे हैं।
इसी क्रम में ई- फार्मेसी, रिटेल और होलसेल मेडिकल स्टोर्स के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। यही वजह है कि मेडिकल स्टोर्स से संबंधित एसोसिएशन की ओर से पहले भी कई बार विरोध प्रदर्शन किया जा चुका है। वहीं, आल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर देश भर में मेडिकल स्टोर्स को बंद कर दिया गया है। इस हड़ताल के जरिए मेडिकल स्टोर्स संचालकों की ओर से ई-फार्मेसी यानी ऑनलाइन दवाइयां के व्यापार के खिलाफ विरोध जताया जा रहा है। जिससे ई फार्मेसी के बढ़ते चलन पर लगाम लगाई जा सके। डिस्ट्रिक्ट कैमिस्ट एसोसिएशन देहरादून के जिला अध्यक्ष मनीष नंदा ने कहा देहरादून जिले में रोजाना करीब 10 से 12 करोड़ रुपए के दवाइयों का व्यापार होता है। ऐसे में मेडिकल स्टोर्स को एक दिन की बंदी से काफी नुकसान हुआ है। इस हड़ताल की वजह से किसी भी मरीज को परेशान नहीं होने दिया गया है। हड़ताल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही कर ली गई है। उन्होंने बताया हॉस्पिटल के अंदर मौजूद मेडिकल स्टोर्स, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को इस हड़ताल से बाहर रखा गया है। ऐसे में सभी एसोसिएशन ने एक दिन सांकेतिक हड़ताल की है। इस हड़ताल के जरिए वो मांग रह रहे हैं कि ई फार्मेसी की व्यवस्था पूरी तरह से बंद होनी चाहिए।

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