चमोली/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ धाम पहुंचकर ग्राउंड जीरो पर उतरते हुए मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों का व्यापक एवं गहन स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, समयबद्धता तथा व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ विभिन्न स्थलों का भ्रमण करते हुए मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कार्यों की वर्तमान स्थिति पर संतोष व्यक्त करने के साथ-साथ उन्हें और अधिक प्रभावी एवं तीव्र गति से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि बद्रीनाथ धाम से जुड़े सभी विकास कार्य जिलाधिकारी की प्रत्यक्ष निगरानी में तय समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा कार्यों की प्रगति की समीक्षा समय-समय पर की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की देरी या बाधा को तुरंत दूर किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बीआरओ बाईपास रोड, लूप रोड, लेक, आईएसबीटी, सिविक एमिनिटी भवन, टीआईसीसी एवं अराइवल प्लाजा जैसे पूर्ण हो चुके महत्वपूर्ण कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने इन परियोजनाओं के शीघ्र हस्तांतरण हेतु अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन सुविधाओं का लाभ तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि किसी प्रकार की प्रशासनिक देरी न हो।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से इन सभी परियोजनाओं के संचालन एवं रखरखाव की ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जिससे दीर्घकालिक रूप से इन परिसंपत्तियों की गुणवत्ता और उपयोगिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम में किए जा रहे विकास कार्यों का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त तीर्थ अनुभव प्रदान करना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह भी जोर दिया कि सभी कार्यों में पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय पारिस्थितिकी का संरक्षण प्राथमिकता में रखा जाए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि कार्य करते समय स्वच्छता, हरित मानकों और सतत विकास के सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बद्रीनाथ धाम की पवित्रता और प्राकृतिक सौंदर्य को अक्षुण्ण रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों और सतत निगरानी से बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित कार्य समय पर पूर्ण होंगे और आने वाले समय में यह धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक आदर्श, भव्य और सुविधासंपन्न तीर्थस्थल के रूप में स्थापित होगा।
मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की
Latest Articles
मोदी सरकार के 12 वर्षों के मजबूत राजकोषीय प्रबंधन से आर्थिक स्थिरता और सामाजिक...
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले बारह वर्षों में किए गए मजबूत...
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत की पहली...
नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज नई दिल्ली...
भारत और वेनेजुएला ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत और...
भारत और जिम्बाब्वे ने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई
नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे ने रक्षा क्षेत्र में अपने सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। नई दिल्ली में आयोजित भारत-जिम्बाब्वे...
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रदान की 213 करोड़...
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कुम्भ मेला-2027 तथा नन्दादेवी राजजात यात्रा की तैयारियों के साथ ही राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अवस्थापना...

















