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Friday, July 10, 2026


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मुख्यमंत्री ने किया ‘‘सतर्कता-हमारी साझा जिम्मेदारी’’ थीम पर आधारित जनजागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में ‘‘सतर्कता-हमारी साझा जिम्मेदारी’’ थीम पर आधारित जन जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह जन जागरूकता कार्यक्रम प्रदेशभर में राज्य स्थापना दिवस 09 नवम्बर 2025 तक चलाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का स्मरण करते हुए कहा कि पटेल जी ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण भारत की एकता, अखंडता और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उनके जन्मदिवस के उपलक्ष्य में यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत का केवल संकल्प ही नहीं लिया, बल्कि उसे धरातल पर उतारने का कार्य भी किया है। उनके नेतृत्व में देश में नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है। शासन-प्रशासन को पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के लिए जन-केंद्रित बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ संकल्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य गठन के बाद सतर्कता विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए 339 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। पिछले तीन वर्षों में सतर्कता विभाग द्वारा 78 भ्रष्टाचारियों के साथ ही अन्य मामलों में 27 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और शासन व्यवस्था को पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से टोल फ्री नंबर 1064 संचालित किया जा रहा है। इसके माध्यम से बीते तीन वर्षों में दस हजार के करीब शिकायतें दर्ज की गई, जिनमें 62 शिकायतों में ट्रैप और 4 शिकायतों में खुली जांच की कार्यवाही की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो भी भ्रष्टाचार करेगा वह सलाखों के पीछे होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों द्वारा इस अभियान का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि समाज और प्रशासन की मजबूती के लिए सभी कार्मिकों का अपने कार्यों में सत्यनिष्ठा, ईमानदार और अनुशासित होना आवश्यक है। कार्य के प्रति अनुशासन होने से भ्रष्टाचार स्वतः समाप्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में पिछले चार वर्षों में सराहनीय प्रयास किए गए हैं। इस अवसर पर डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल. फैनई, निदेशक सतर्कता वी. मुरूगेशन, सचिवगण तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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