25.3 C
Dehradun
Monday, August 3, 2026


spot_img

चीन गुप्त तरीके से बढ़ा रहा है परमाणु हथियारों का जखीरा, अमेरिका का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली। अमेरिका ने चीन पर अपने परमाणु हथियारों के भंडार में गुप्त तरीके से बड़े पैमाने पर वृद्धि का आरोप लगाया है। अमेरिका का दावा है कि चीन गले कुछ वर्षों में परमाणु क्षमता के मामले में शीर्ष शक्तियों की बराबरी कर सकता है। दरअसल, रूस और अमेरिका के बीच अंतिम प्रमुख परमाणु संधि ‘न्यू स्टार्ट’ के समाप्त होने के बाद, ट्रंप प्रशासन ने अब चीन को भी शामिल करते हुए एक व्यापक समझौते की आवश्यकता पर जोर दिया है।
अमेरिका का कहना है कि इस महीने की शुरुआत में न्यू स्टार्ट संधि (अमेरिका और रूस जैसी शीर्ष परमाणु शक्तियों के बीच अंतिम संधि) के समाप्त होने के बाद अब चीन को शामिल कर एक बेहतर समझौते तक पहुंचने की संभावना पैदा हुई है। हालांकि, चीन ने इस तरह की किसी भी त्रिपक्षीय वार्ता का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय में शस्त्र नियंत्रण और अप्रसार के सहायक सचिव क्रिस्टोफर येव ने जिनेवा में निरस्त्रीकरण सम्मेलन में कहा कि ‘न्यू स्टार्ट’ संधि में गंभीर खामियां थीं। उन्होंने कहा, “शायद इसकी सबसे बड़ी खामी यह थी कि न्यू स्टार्ट समझौते में चीन द्वारा अभूतपूर्व, जानबूझकर, तेजी से और अपारदर्शी तरीके से परमाणु हथियारों के निर्माण को ध्यान में नहीं रखा गया था।”
क्रिस्टोफर येव ने आरोप लगाया “अपने दावों के विपरीत, चीन ने जानबूझकर और बिना किसी रोक-टोक के, पारदर्शिता या चीन के इरादे या अंतिम लक्ष्य के किसी भी संकेत के बिना, अपने परमाणु शस्त्रागार का बड़े पैमाने पर विस्तार किया है। हमारा मानना है कि चीन अगले चार या पांच वर्षों के भीतर बराबरी हासिल कर सकता है,” हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि बराबरी से उनका क्या तात्पर्य है।
क्रिस्टोफर येव ने जोर देकर कहा, “संधि की समय सीमा समाप्त होने और वर्तमान में किसी भी परमाणु हथियार नियंत्रण संधि के न होने का यह मतलब नहीं है कि अमेरिका हथियार नियंत्रण से पीछे हट रहा है या उसे नजरअंदाज कर रहा है। इसके विपरीत स्थिति वास्तव में गंभीर है। हमारा लक्ष्य परमाणु हथियारों की कमी वाले विश्व की दिशा में एक बेहतर समझौता करना है।”
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता अभियान समूह आईसीएएन के अनुसार, रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका दोनों के पास 5,000 से अधिक परमाणु हथियार हैं। लेकिन न्यू स्टार्ट संधि, जिसकी समय सीमा 5 फरवरी को समाप्त हो गई, ने संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस को 1,550 तैनात परमाणु हथियारों तक सीमित कर दिया था। यह एक ऐसी संख्या है, जिसके बारे में वाशिंगटन का कहना है कि चीन तेजी से इसके करीब पहुंच रहा है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

मतदाता सूची की शुद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता, फील्ड विजिट कर दूर करें समस्याएंः अपर मुख्य...

0
देहरादून। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड विजय कुमार जोगदंडे ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की...

उत्तराखण्डः आध्यात्मिक राजधानी की दिशा में बढ़े कदम

0
देहरादून। उत्तराखण्ड विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। प्रदेश में चारधाम के साथ ही अन्य प्रमुख...

राजनीतिक दल विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करेंः जोगदंडे

0
देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड विजय कुमार जोगदंडे एवं जिलाधिकारी व...

युवाओं के नेतृत्व और सक्रिय जनभागीदारी से साकार होगा नशा मुक्त भारत का सपना:...

0
नई दिल्ली। युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि नशा मुक्त भारत का सपना केवल सक्रिय जनभागीदारी और युवाओं के...

अल्पसंख्यक समाज के उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्धः सीएम धामी

0
-योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगाः मुख्यमंत्री देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्पसंख्यक मोर्चा महानगर, देहरादून द्वारा आयोजित ‘लाभार्थी...