15.5 C
Dehradun
Monday, March 23, 2026


spot_img

कोविड में अनाथ हो चुके 100 बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाएगा, CIMS – UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेज |Postmanindia

कोरोना महामारी में हजारों बच्चों के सर से माता पिता का साया उठ गया है. देश के साथ प्रदेश में भी ऐसे कई बच्चे हैं जिनके माता पिता और रिश्तेदारों की मौत हुई है. ऐसे में उनके सामने आजीविका से लेकर शिक्षा जारी रखने का गंभीर संकट पैदा हो गया है. खासतौर से उच्च शिक्षा की मोटी फीस जुटाना इन बच्चों के लिए मुनासिब नहीं हो रहा है. ऐसे ही बच्चों की मदद के लिए देहरादून स्थित CIMS और UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेज ने लाजवाब पहल की है. इस ग्रुप ने कोरोना त्रासदी में अनाथ हो चुके बच्चों को निःशुल्क उच्च शिक्षा देने की घोषणा की है.

देहरादून में स्थित सीआईएमएस & यूआईएचएमटी ग्रुप ने कोरोना में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों को नि:शुल्क उच्च शिक्षा देने की घोषणा की है. ग्रुप के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने बताया कि कोरोना त्रासदी से लड़ने के लिए एक नागरिक के तौर पर उन्हें अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का एहसास है. इसलिए  कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों को वह अपने कॉलेज में विभिन्न कोर्सेस में नि:शुल्क प्रवेश के साथ साथ उनकी पूरी पढ़ाई का खर्चा उठाएंगे. संस्थान ऐसे 100 अनाथ बच्चों को निःशुल्क उच्च शिक्षा प्रदान करेगा, जो कोरोना के कारण अनाथ हुए हैं. एडवोकेट ललित जोशी ने बताया कि उनका समूह पहले भी ऐसा करता आ रहा है. संस्थान में गत 8 वर्षों से प्रतिवर्ष 30 से अधिक गरीब व अनाथ बच्चों को नि:शुल्क उच्च शिक्षा प्रदान की जा रही है. सीआईएमएस विगत 20 वर्षों से प्रदेश मेडिकल और पैरा मेडिकल के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्रदान कर रहा है, जबकि यूआईएचएमटी होलट मैनेजमेंट के क्षेत्र में लगभग 8 साल उच्च शिक्षा प्रदान कराता है.

UIHMT और CIMS प्रदेश के युवाओं के लिए बेहतर और किफायती ऑप्शन साबित होता है. खासकर उन बच्चों के लिए जो हाई रैंक कॉलेजों में प्रवेश से वंचित रह जाते हैं. या जो मोटी फीस के कारण ऐसे कॉलेजों में पढ़ाई नहीं कर पाते. ऐसे बच्चों को यह ग्रुप किफायती और गुनवत्तापरख शिक्षा उपलब्ध करवाकर उन्हें रोजगार के अवसर भी देता है.

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में आज महज 2146 कोरोना के नए मामले, 6300 से ज़्यादा मरीज स्वस्थ

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यों और केंद्र को जेल स्थिति के ताजा आंकड़े प्रस्तुत करने...

0
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जेल की स्थिति से संबंधित ताजा आंकड़े 18 मई तक प्रस्तुत करने...

भारत अपनी तकनीकी जरूरतों के साथ ग्लोबल साउथ की उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मांग भी...

0
देहरादून: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विश्वास व्‍यक्‍त किया है कि भारत न केवल अपनी तकनीकी जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि ग्‍लोबल साउथ...

15 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल के कनेक्शन पहुंच चुके...

0
देहरादून: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा है कि 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल के कनेक्शन पहुंच...

देश भर में आवश्यक ईंधन की कोई कमी नहीं: पेट्रोलियम मंत्रालय

0
देहरादून: सरकार ने आश्वस्त किया है कि देश भर में आवश्यक ईंधन की कोई कमी नहीं है, तेल शोधन संयंत्र पूरी क्षमता से काम...

एफआरआई देहरादून के राष्ट्रीय वानिकी कार्यक्रम में उपग्रह-आधारित वन निगरानी प्रणालियों को शामिल करने...

0
देहरादून। “सतत वन-आधारित जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देनेः मुद्दे और चुनौतियाँ“ विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला आईसीएफआरई देहरादून में संपन्न हुई। इसमें नीति-निर्माता, वैज्ञानिक, उद्योग प्रतिनिधि...