13.1 C
Dehradun
Tuesday, January 20, 2026


सीएम फडणवीस बोले-मराठा आरक्षण पर चर्चा कर रहा कैबिनेट पैनल, संवैधानिक रूप से वैध समाधान ढूंढेगा

मुंबई: मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मुंबई के आजाद मैदान में अनशन शुरू किया, उनके समर्थकों की भारी भीड़ से मुंबई में ट्रैफिक प्रभावित हुई है। जबकि मामले पर सरकार की कैबिनेट उपसमिति मांगों पर चर्चा कर रही है। सीएम फडणवीस ने कहा है कि ‘संवैधानिक ढांचे के भीतर ही समाधान मिलेगा, किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।’
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार को आंदोलनकारी मनोज जरांगे ने मुंबई में अनशन शुरू कर दिया। इसके बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार की कैबिनेट उपसमिति इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा कर रही है और समाधान पूरी तरह संवैधानिक और कानूनी दायरे में ही निकाला जाएगा। मनोज जरांगे ने शुक्रवार सुबह से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। वहीं इस भूख हड़ताल के मर्थन में जगह-जगह से पहुंचे हजारों समर्थक दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में इकट्ठा हुए, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक लगभग ठप हो गया। शुरुआत में प्रशासन ने उन्हें केवल एक दिन के लिए प्रदर्शन की अनुमति दी थी, लेकिन जरांगे ने आगे भी आंदोलन जारी रखने की इजाजत मांगी थी। इस पर सीएम फडणवीस ने कहा कि पुलिस इस पर सकारात्मक विचार करेगी।
वहीं मुंबई पुलिस ने अपने ताजा बयान में कहा है कि, ‘मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल को उनके विरोध प्रदर्शन के लिए एक और दिन की मोहलत दी गई है। वह कल एक और दिन के लिए आजाद मैदान में अपना विरोध प्रदर्शन जारी रख सकते हैं।’ वहीं सीएम फडणवीस ने इस मुद्दे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, ‘कैबिनेट उपसमिति को मराठा समाज से जुड़े मुद्दों पर बातचीत का अधिकार है। जरांगे की मांगों पर समिति विचार कर रही है। समाधान ऐसा होगा जो संविधान और कानून की सीमाओं के भीतर हो।’ बता दें कि आंदोलनकारी मनोज जरांगे की प्रमुख मांग है कि सभी मराठाओं को कुनबी समुदाय में दर्ज किया जाए। कुनबी जाति ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी में आती है, जिससे मराठाओं को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण का लाभ मिल सके। लेकिन मौजूदा ओबीसी समुदाय इसका विरोध कर रहा है।
इस दौरान सीएम देवेंद्र फडणवीस ने साफ कहा कि सरकार मराठा और ओबीसी समुदायों को आमने-सामने नहीं खड़ा करेगी। ‘हम किसी भी समाज के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। पिछले दस वर्षों में हमारी सरकार ने मराठाओं के लिए जितना काम किया है, उतना किसी और सरकार ने नहीं किया। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल मराठाओं के लिए लागू किया गया 10 प्रतिशत आरक्षण अदालत की कसौटी पर खरा उतरा है और अभी तक वैध है।
वहीं सीएम फडणवीस ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर समाज में तनाव फैलाना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘इस मसले को राजनीतिक मत बनाइए। ओबीसी और मराठा समाज को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश न करें। हमारा सामाजिक ताना-बाना सबसे अहम है।’

spot_img

Related Articles

Latest Articles

मुख्य सचिव ने नाबार्ड पोषित योजनाओं के प्रस्तावों को समय पर भेजे जाने के...

0
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में पूंजीगत व्यय, सीएसएस योजनाएं, ईएपी योजनाएं, नाबार्ड योजनाएं, एसएएससीआई, एसएनए स्पर्श एवं विभागों की...

यूसीसी का एक साल, मजबूत सुरक्षा तंत्र से निर्मूल हुई निजता उल्लंघन की आशंकाएं

0
देहरादून। उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के तहत बीते एक साल में विभिन्न सेवाओं के लिए कुल पांच लाख से अधिक आवेदन हुए हैं,...

त्योहारों के दौरान हवाई किरायों में बेतहाशा बढ़ोतरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और...

0
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को त्योहारों के दौरान हवाई किरायों में बेतहाशा बढ़ोतरी पर चिंता व्यक्त की। शीर्ष अदालत ने कहा कि...

दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, अलग-अलग इमरजेंसी नंबरों से छुटकारा; अब एक ही नंबर...

0
नई दिल्ली। दिल्ली में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी, त्वरित और तकनीक सक्षम बनाने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है।...

भारत-यूएई रिश्तों को नई रफ्तार: पीएम मोदी-शेख नाहयान के बीच बैठक

0
नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे।...