देहरादून। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार के मेरा युवा भारत उत्तरकाशी द्वारा आयोजित 7-दिवसीय विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का भव्य समापन हो गया है। इस विशेष राष्ट्रीय एकीकरण और अध्ययन कार्यक्रम के तहत तीन राज्यों अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश से आए युवाओं ने उत्तरकाशी के सीमांत क्षेत्रों, भारत-चीन बॉर्डर और वाइब्रेंट विलेजेस का दौरा कर जमीनी स्तर पर हो रहे विकास कार्यों, स्थानीय संस्कृति और सीमाई जीवन की चुनौतियों को करीब से समझा।
विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के दूसरे चरण का शुभारंभ 15 जून 2026 को किया गया, जिसके अंतर्गत तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर एवं मणिपुर से आए कुल 26 प्रतिभागियों ने पिथौरागढ़ जनपद के धारचूला क्षेत्र स्थित गर्बयांग, नापलचू, नावी, रोंगकोंग तथा कुटी गांवों का भ्रमण किया। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर 14वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के कमांडेंट द्वारा हरी झंडी दिखाकर युवाओं को रवाना किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण के शुभारंभ अवसर पर राज्य निदेशक अनिल कुमार, उपनिदेशक शैलेश भट्ट, उपनिदेशक विकास कुमार, सहायक निदेशक योगेश कुमार तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने धारचूला क्षेत्र के विभिन्न गांवों का भ्रमण किया तथा ग्राम सभाओं में भाग लेकर स्थानीय ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया। युवाओं ने ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों एवं अनुभवों को अपनी रिपोर्ट में शामिल किया। कार्यक्रम के अंतर्गत सांस्कृतिक आदान-प्रदान, स्थानीय खेलों का आयोजन, केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण तथा स्वच्छता अभियान जैसी अनेक गतिविधियां आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने आदि कैलाश ट्रैकिंग तथा ओम पर्वत के दर्शन कर क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं सामरिक महत्ता को भी निकट से समझा।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर युवाओं ने आईटीबीपी कैम्प गुंजी के साथ योग कार्यक्रम में सहभागिता की। पिथौरागढ़ स्थित बेस कैम्प में प्रवास के दौरान प्रतिभागियों को चंडाक, मोस्टमानु मंदिर, वरदानी देवी मंदिर तथा उल्का देवी मंदिर (शहीद स्मारक) सहित पिथौरागढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कराया गया। उल्लेखनीय है कि विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का प्रथम चरण 4 जून 2026 से 12 जून 2026 तक तथा द्वितीय चरण 15 जून 2026 से 21 जून 2026 तक आयोजित किया गया। दोनों चरणों के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों से आए युवाओं को सीमांत क्षेत्रों के सामाजिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक एवं सामरिक महत्व से परिचित कराया गया तथा सीमावर्ती गांवों के साथ उनके संवाद एवं सहभागिता को सुदृढ़ किया गया। 21 जून 2026 को कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह कार्यक्रम युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास एवं राष्ट्रीय एकता को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के दूसरे चरण का समापन, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर एवं मणिपुर के 26 युवाओं ने की सहभागिता
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