देहरादून/रुड़की। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कोर विश्वविद्यालय, रुड़की के दूसरे दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग कर विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल प्रदान किए। इस अवसर पर दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह आत्मबोध से राष्ट्रबोध की ओर बढ़ने की जागरूक यात्रा का आरंभ है। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को नौकरी खोजने के बजाय रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित किया और स्टार्टअप एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि दीक्षांत के बाद विद्यार्थियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। आज से वे केवल विद्यार्थी नहीं, बल्कि राष्ट्र के निर्माता हैं। “राष्ट्र सर्वाेपरि” के मंत्र को जीवन का आधार बनाते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत का मार्ग सरकारी योजनाओं से अधिक जागरूक एवं प्रतिबद्ध युवाओं के माध्यम से प्रशस्त होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने स्वप्नों में भी राष्ट्र को सर्वाेपरि रखें और अपने कर्म, चरित्र एवं संकल्प से भारत का गौरव बढ़ाएँ।
राज्यपाल ने कहा कि आज का युग तकनीक और नवाचार का युग है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर एवं नैनो टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं को परंपरा और आधुनिकता के समन्वय के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने भारतीय सभ्यता, वेद-पुराणों और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीकी दक्षता के साथ चरित्र निर्माण भी उतना ही आवश्यक है।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए शोध, नवाचार, उद्योगों से एमओयू एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, विशेषकर स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दीक्षांत समारोह में सेठ रोशन लाल जैन ट्रॉफी तीन विद्यार्थियों आयुषी पंवार (बी. कॉम ऑनर्स, 2022-25) को विश्वविद्यालय स्तर पर उच्चतम 9.9 सीजीपीए प्राप्त करने के लिए, डोना चौहान (डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग, 2023-25) को 9.16 सीजीपीए हासिल करने के लिए और हनी चौधरी (एमसीए, 2023-25) को 9.5 सीजीपीए हासिल करने के लिए दी गई।
दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार, डॉ. अजय शर्मा ने की। ग्लोबल टेलीकॉम एंड एजुकेशन एसोसिएशन के चेयरमैन, प्रो. एन. के. गोयल, विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट जे.सी. जैन, वाइस प्रेसिडेंट डॉ. श्रेयांश जैन, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. चिन्नेयान रामासुब्रमण्यम, फैकल्टी मेंबर्स और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
दीक्षांत केवल डिग्री नहीं, आत्मबोध से राष्ट्रबोध की यात्राः राज्यपाल
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