देहरादून। उत्तराखंड में आयोजित हो रहे राष्ट्रीय खेल में दिल्ली के स्टार लॉन बॉल खिलाड़ी नवनीत सिंह अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेर रहे हैं। नवनीत सिंह ने 2011 में लॉन बॉल खेल की शुरुआत की थी और तब से लेकर अब तक उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया है। नवनीत सिंह लॉन बॉल में मेंस पेयर्स और मेंस फोर्स कैटेगरी में खेलते हैं।
नवनीत सिंह की शानदार उपलब्धियां
नवनीत सिंह ने गुजरात राष्ट्रीय खेल में स्वर्ण और रजत पदक, गोवा राष्ट्रीय खेल में दो कांस्य पदक और उत्तराखंड राष्ट्रीय खेल में कांस्य पदक हासिल किए हैं। इसके अलावा, उन्होंने 2018 में एशियन चौंपियनशिप में रजत और कांस्य पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए लॉन बॉल पुरुषों की फोर स्पर्धा में रजत पदक जीतकर उन्होंने इतिहास रचा। उनकी इस उपलब्धि ने लॉन बॉल खेल को भारत में नई पहचान दिलाई और कई नए खिलाड़ियों को इस खेल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। नवनीत सिंह ने उत्तराखंड सरकार द्वारा खिलाड़ियों को दी जा रही सुविधाओं की सराहना की।
दिल्ली के स्टार लॉन बॉल खिलाड़ी नवनीत सिंह ने उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेल में दिखाया दम
Latest Articles
केंद्र सरकार ने लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का अध्यक्ष नियुक्त किया
नई दिल्ली। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड-सी.बी.एस.ई. का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। श्री...
सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक की जगह पीपीआई प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया
नई दिल्ली। सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक-डब्ल्यूपीआई को धीरे-धीरे समाप्त करने और उसकी जगह एक व्यापक उत्पादक मूल्य सूचकांक-पीपीआई प्रणाली लागू करने का निर्णय...
अनुकंपा नियुक्ति में विवाहित बेटियों को भी समान अधिकार: सर्वोच्च न्यायालय
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि विवाहित बेटियों को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता है। न्यायालय ने कहा कि...
सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए नामांकन आमंत्रित किए
नई दिल्ली। सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। यह...
सदियों पुराने व्यापारिक मार्ग लिपुलेख दर्रे से फिर होगा व्यापार शुरू
देहरादून। हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच स्थित लिपुलेख दर्रा केवल एक व्यापारिक मार्ग नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और सभ्यताओं के संवाद का जीवंत...
















