श्री कुमार ने बताया कि पांच विधानसभाओं के 824 निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों में लगभग 17 करोड़ 40 लाख लोग मतदान के पात्र हैं। इनमें पश्चिम बंगाल के लगभग 6 करोड़ 44 लाख, तमिलनाडु के 5 करोड़ 67 लाख, केरल के 2 करोड़ 70 लाख, असम के ढाई करोड़ और पुडुचेरी के 9 लाख 44 हजार मतदाता शामिल हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 2 लाख 19 हजार मतदान केंद्र होंगे और कुल 25 लाख चुनाव कर्मियों को तैनात किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर पेयजल, शौचालय और साइनबोर्ड जैसी न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में चुनाव को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने 30 नई पहल की हैं। श्री कुमार ने कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम बारह सौ मतदाता ही मतदान कर सकेंगे। सभी मतदान केंद्रों पर निगरानी के लिए शत प्रतिशत वेबकास्टिंग होगी।
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है, असम की 126 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को समाप्त हो रहा है और केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है। वहीं, तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को और पुद्दुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो रहा है।

















