नई दिल्ली: भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चल रहे विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन की समीक्षा के लिए दो अधिकारियों की नियुक्ति की है। चुनाव आयोग ने सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी एनके मिश्रा को पश्चिम बंगाल और पूर्व आईआरएस अधिकारी प्रताप सिंह को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान और आगामी आम चुनाव की निगरानी के लिए स्पेशल ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया है।
चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि विशेष पर्यवेक्षक के रूप में एनके मिश्रा यह सुनिश्चित करेंगे कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया आयोग के समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों के अनुसार पूरी तरह से हो। साथ ही समय-समय पर उन्हें पश्चिम बंगाल का दौरा करना होगा ताकि चल रहे एसआईआर, मतदान की तैयारियों और 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संचालन का अवलोकन किया जा सकें और आवश्यक कार्रवाई के लिए आयोग को सुझाव दे सकें।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मिश्रा के पश्चिम बंगाल दौरे, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल के साथ समन्वित होंगे और सभी जरूरी सामग्री, सुविधा और प्रोटोकॉल व्यवस्था सीईओ द्वारा प्रदान की जाएगी।
मतदाता सूची के प्रारूप पर दावों और आपत्तियों के सुनवाई सत्र की बढ़ी हुई समय सीमा शनिवार को समाप्त हो जाएगी। सुनवाई सत्र में जमा किए गए दस्तावेजों की जांच 21 फरवरी तक जारी रहेगी। अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी, जिससे दिसंबर पिछले साल से चल रहे मतदाता सूची संशोधन का कार्य समाप्त हो जाएगा।
वहीं, पूर्व आईआरएस अधिकारी प्रताप सिंह के लिए जारी आदेश में निर्वाचन आयोग ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 और रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950 की धारा 13सीसी के तहत प्रताप सिंह को आयोग के नियंत्रण, निरीक्षण और अनुशासन के अधीन विशेष पर्यवेक्षक के रूप में कार्य करना होगा।
स्पेशल ऑब्जर्वर के रूप में उनका मुख्य कार्य तमिलनाडु में चल रहे एसआईआर की प्रक्रिया पर नजर रखना, चुनाव की तैयारियों का निरीक्षण करना और आयोग को आवश्यक सुझाव देना होगा। प्रताप सिंह को समय-समय पर राज्य का दौरा करना होगा और चुनाव आयोग को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि प्रताप सिंह को तमिलनाडु के सीईओ के सहयोग से सभी आवश्यक सुविधाएं और प्रोटोकॉल प्रदान किए जाएंगे। इस नियुक्ति के साथ ही प्रताप सिंह तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
तमिलनाडु में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण समाप्त हो गया है, 17 फरवरी को राज्य की मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग की देखरेख में किए गए इस संशोधन अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का मतदाता डेटाबेस सटीक, समावेशी और त्रुटियों से मुक्त हो।अंतिम रूप दिए जाने के बाद मतदाता सूची में तमिलनाडु में लगभग 5.65 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं के शामिल होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 34 लाख लोगों ने अपने नाम में बदलाव के लिए आवेदन जमा किए। इनमें पहली बार मतदान करने वाले, निवास स्थान बदलने वाले और नाम, पता या फोटो जैसी व्यक्तिगत जानकारी में सुधार चाहने वाले अन्य लोग शामिल थे।
बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव आयोग ने नियुक्त किए विशेष पर्यवेक्षक
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