नई दिल्ली। राजग के सभी घटकों के समक्ष शुक्रवार को दिए अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने यह साफ कर दिया कि उनकी नई टीम आर्थिक विकास की पुरानी पिच पर ही खेलने जा रही है। टीम का लक्ष्य देश की अर्थव्यवस्था को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना होगा ताकि देश का हर नागरिक अपनी जरूरतों को आराम से पूरा कर सके।
पुरानी पिच पर ही खेलने की वजह यह है कि पिछले दस सालों में अपनाई गई आर्थिक नीतियों की बदौलत ही पिछले तीन वित्त वर्षों से भारत की आर्थिक विकास दर सात प्रतिशत से अधिक चल रही है और भारत दुनिया में सबसे तेज गति से विकास करने वाला देश बन गया है। विभिन्न आर्थिक सूचकांक में मजबूती को देखते हुए शुक्रवार को आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपने जीडीपी विकास दर अनुमान को सात प्रतिशत से बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया।
जाहिर है प्रधानमंत्री मोदी अपने पिछले दो कार्यकाल की आर्थिक नीतियों से छेड़छाड़ नहीं करने जा रहे हैं। शुक्रवार को अपने संबोधन में उन्होंने साफ कर दिया कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च, मैन्युफैक्चरिंग हब का निर्माण, डिजिटल कनेक्टिविटी व टेक्नोलॉजी का विस्तार, टूरिज्म एवं अन्य सर्विस सेक्टर को प्रोत्साहन के साथ मुद्रा लोन जैसी स्कीम जारी रहेगी ताकि छोटे-छोटे लोन से गरीब अपना कारोबार शुरू कर सके। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि इस कार्यकाल में युवा कारोबार शुरू करने के लिए 20 लाख तक का लोन बैंकों से ले सकेंगे। गरीबों को गरीबी से निकालना भी मोदी 3.0 की प्राथमिकता में पहले की तरह शामिल है।
उन्होंने कहा कि गरीबों के सशक्तिकरण का कार्यक्रम जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि नए कार्यकाल में गरीबों के लिए तीन करोड़ नए मकान बनाए जाएंगे। अब तक चार करोड़ नए मकान गरीबों को दिए जा चुके हैं। 70 साल से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को भी आयुष्मान भारत के तहत सालाना पांच लाख रुपए तक के इलाज देने की घोषणा पर भी मोदी ने शुक्रवार को मुहर लगा दी। अभी गरीब परिवार को ही आयुष्मान भारत के तहत इलाज की सुविधा मिल रही है। मोदी ने अपने संबोधन में फिर से यह दोहराया कि वह देश को पांच ट्रिलियन डॉलर वाली तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ जाता है तो देश की जरूरत आराम से पूरी हो जाती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मध्यमवर्ग देश के विकास का चालक है और उनकी भलाई और सुविधा हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग कैसे कुछ बचत कर सके और उनकी ¨जदगी को और कैसे आसान बनाई जा सके, इस दिशा में हम नीति बनाएंगे। मध्यमवर्ग को बचत सुविधा देने के इस बयान पर आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई में पेश होने वाले बजट में मध्यम वर्ग को टैक्स दरों में राहत मिल सकती है। इस साल फरवरी में चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अंतरिम बजट पेश किया गया था।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च, मुद्रा लोन, मैन्युफैक्चरिंग हब पर पहले की तरह रहेगा जोर
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