उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार हेतु राज्य सरकार जल्द बड़े प्रयोग करने जा रही है. प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अल्मोड़ा में अपने संबोधन के दौरान कहा कि प्राइमरी स्कूलों में पांच- पांच शिक्षकों की तैनाती की जाएगी जिससे शिक्षा सुधा और शैक्षिक गुणवत्ता पर भी फर्क पड़ेगा. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने द्वाराहाट में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 18 मार्च को राज्य सरकार के कार्यकाल के चार साल पूरे हो जायेंगे, इन चार सालों में सरकार ने हर क्षेत्र में काम किया है. शिक्षा के क्षेत्र में अनेक अभिनव प्रयास किये जा रहे है 500 विद्यालयों को वर्चुअल क्लासों से जोड़ दिया गया है 600 विद्यालयों में यह प्रक्रिया गतिमान है, जिससे आने वाले समय में कुछ अच्छे सुधार देखने को मिलेंगे. प्राइमरी स्तर के कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को क्लब किया जा रहा है. क्लब करने के बाद प्रत्येक स्कूल में कम से कम पांच-पांच शिक्षक तैनात किए जाएंगे और इन स्कूलों में स्कूल वैन के जरिए छात्र छात्राओं को घर से लाने और ले जाने की व्यवस्था की जायेगी.
उत्तराखंड के प्राइमरी स्कूलों में तैनात होंगे पाँच- पाँच शिक्षक, बढ़ेगी शैक्षिक गुणवत्ता ।Postmanindia
Latest Articles
ईरान ने खाड़ी देशों को अमरीका के सैन्य अभियानों में सहयोग न करने की...
नई दिल्ली। ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाह ने फारस की खाड़ी के दक्षिणी तट के देशों को...
उच्च गुणवत्ता और लागत प्रभावी अवसंरचना सर्वोच्च प्राथमिकता: नितिन गडकरी
नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लागत को संतुलित बनाए रखते हुए उच्च गुणवत्ता...
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 परियोजनाओं को दी मंजूरी
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पांच परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनमें चार रेलवे परियोजनाएं और एक राजमार्ग परियोजना शामिल हैं। नई दिल्ली में मंत्रिमंडल...
ओलंपिक-2036 के लिए उत्तराखण्ड की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की...
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने ओलंपिक-2036 के लिए उत्तराखण्ड से प्रतिभावान खिलाड़ियों को तैयार करने के उद्देश्य से खेल विभाग के साथ बैठक...
उत्तराखण्ड का भूस्खलन प्रबंधन माॅडल अब अन्य राज्यों में भी बना रहा अपनी पहचान
देहरादून। खारा हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना के लिए डीपीआर एवं तकनीकी परामर्श से यूएलएमएमसी को मिली पहली राजस्व प्राप्ति उत्तराखण्ड की भूस्खलन विशेषज्ञता का दायरा...
















