10.4 C
Dehradun
Monday, February 2, 2026


spot_img

कांग्रेस के लिए रामलला नहीं बाबर की मजार रही आस्था का केन्द्रः महाराज

देहरादून। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में निमंत्रण के बावजूद भी कांग्रेस के शामिल न होने का बड़ा कारण यह है कि उसके शीर्ष नेतृत्व के लिए हमेशा से ही काबूल स्थित बाबर की मजार ही आस्था एवं श्रृद्धा का प्रमुख केन्द्र रही है।
उक्त बात प्रेस को जारी अपने एक बयान में भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा  समारोह में मंदिर ट्रस्ट के निमंत्रण के बावजूद भी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का शामिल न होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। इतिहास इस बात का साक्षी है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का पीढ़ी दर पीढ़ी काबूल स्थित बाबर की मजार से आस्था एवं श्रृद्धा का अटूट रिश्ता रहा है। कांग्रेस सरकार में विदेश मंत्री रहे कद्दावर नेता नटवर सिंह ने अपनी किताब श्वन लाइफ इज नॉट एनफश् में स्पष्ट लिखा है कि 1959 में जवाहरलाल नेहरू, 1968 में इंदिरा गांधी, 1976 में राजीव गांधी और 2005 में राहुल गांधी ने मनमोहन सिंह के साथ अफगानिस्तान में बाबर की कब्र का दौरा किया और कब्र पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की। इसलिए सनातन विरोधी कांग्रेस ने आमंत्रण मिलने के बाद भी रामलला के दर्शन करना उचित नहीं समझा।
नटवर सिंह ने अपनी पुस्तक में यह भी लिखा है कि इंदिरा गांधी बाबर की कब्र पर फूल चढ़ाने काबुल गई थीं और अफगानिस्तान में बाबर की कब्र पर इंदिरा गांधी ने दावा किया था कि वह उनके उत्तराधिकारी हैं और देश उनके नियंत्रण में है। यही कारण है कि कांग्रेस अपने सहयोगियों द्वारा सनातन धर्म के अपमान पर चुप्पी साध लेती है। इसलिए आज हमें यह तय करना होगा कि देश की सत्ता को भगवान श्री राम में आस्था रखने वाले चलायेंगे या बाबर की मजार पर श्रृद्धा सुमन अर्पित करने वाले राम द्रोही।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

लोकलुभावन नीतियों से नहीं, निर्माण-तकनीक से आगे बढ़ेगा देश, बजट में ग्लोबल पॉवर बनने...

0
नई दिल्ली। केंद्रीय बजट में इस बार लोकलुभावन घोषणाओं नहीं दिखीं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस बजट में एक विजन...

लाल आतंक’ का होगा स्थायी खात्मा, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए बजट...

0
नई दिल्ली। देश में नक्सलवाद के खात्मे की तिथि 31 मार्च 2026 रखी गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कह चुके हैं कि...

सीआरपीएफ के बजट में वृद्धि तो BSF में कटौती, कम हो गया पीएम की...

0
नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए मिला-जुला आवंटन दिखा। सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, असम राइफल्स और एनएसजी के...

एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं ममता बनर्जी, चुनाव आयोग के खिलाफ दायर की...

0
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में चल रही मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम...

केन्द्रीय बजट में शिक्षा, शोध, स्वास्थ्य व कौशल विकास पर फोकसः डॉ. धन सिंह...

0
देहरादून। सूबे के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट 2026-27 का स्वागत...