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Sunday, April 19, 2026


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अमित शाह का बड़ा एलान: असम में लागू होगा UCC, घुसपैठियों को करेंगे बाहर

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को असम के ढेकियाजुली और तिहु में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए राज्य की सुरक्षा और जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर बड़े एलान किए। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि भाजपा की सरकार आने वाले दिनों में असम में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करेगी। शाह ने जोर देकर कहा कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य एक विशेष समुदाय में प्रचलित ‘चार शादियों’ की प्रथा पर रोक लगाना है।
घुसपैठियों की विदाई और भूमि मुक्ति का संकल्प
शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दशकों तक वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने सीमाओं को खुला रखा, जिससे राज्य की जनसांख्यिकी बदल गई। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार ने अब तक 1.25 लाख एकड़ भूमि को घुसपैठियों के कब्जे से मुक्त कराया है।
गृह मंत्री ने कहा, ‘पिछले 10 वर्षों में हमने घुसपैठ रोकी है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। अगले पांच वर्षों में हम सुनिश्चित करेंगे कि एक-एक अवैध घुसपैठिये को देश से बाहर भेजा जाए और उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएं।’
शाह ने असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई को घेरते हुए सवाल किया कि क्या वे घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं? शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी मतदाता सूचियों के संशोधन का विरोध सिर्फ घुसपैठियों को संरक्षण देने के लिए कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से असम विरोधी रही है।
अमित शाह ने कहा, ‘भारत-चीन युद्ध के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने असम को उसके भाग्य पर छोड़ दिया था।’
अतीत की तुलना वर्तमान से करते हुए उन्होंने हुंकार भरी कि मोदी सरकार के दौरान देश की सीमाओं के साथ खिलवाड़ असंभव है। शाह ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कोई ‘माई का लाल’ देश की एक भी इंच जमीन नहीं छीन सकता।’ एयरस्ट्राइक का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी ने आतंकवादियों को उनके घर में घुसकर सबक सिखाया है। असमिया संस्कृति और विकास का सम्मानगृह मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कभी असमिया विभूतियों का सम्मान नहीं किया। उन्होंने कहा कि राज्य के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई को कांग्रेस ने भारत रत्न नहीं दिया क्योंकि उन्होंने नेहरू की उस योजना का विरोध किया था जिसमें राज्य को उस क्षेत्र के साथ पाकिस्तान को देने की बात कही गई थी जो अब बांग्लादेश है।
यह अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी जिसने उन्हें यह सम्मान दिया। इसी तरह भूपेन हजारिका को भी मोदी सरकार ने ही भारत रत्न से नवाजा। शाह ने अंत में जनता से अपील की कि शांति और विकास की निरंतरता के लिए भाजपा को वोट दें, ताकि असम को पूरी तरह घुसपैठ मुक्त बनाया जा सके।

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