18.2 C
Dehradun
Saturday, March 7, 2026


spot_img

उत्तराखण्ड में यूसीसी लागू करने के लिए नियमावली और क्रियान्वयन समिति ने मुख्यमंत्री को सौंपा ड्राफ्ट

देहरादून। समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम के राज्य में क्रियान्वयन के लिए सेवानिवृत्त आई.ए.एस. शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में बनाई गई ‘नियमावली और क्रियान्वयन समिति’ ने शुक्रवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को नियमावली का ड्राफ्ट सौंपा। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष सेवानिवृत्त आई.ए.एस. शत्रुघ्न सिंह, सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौड़, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, अपर पुलिस महानिदेशक अमित सिन्हा और स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा मौजूद थे।
समिति द्वारा समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम की नियमावली का ड्राफ्ट सौंपे जाने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2022 में प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद हमने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में निर्णय लिया कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन करेंगे। सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनाई गई। कमेटी के रिपोर्ट सौंपने के बाद 07 फरवरी, 2024 को राज्य विधान सभा में पारित किया गया। उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता विधेयक 2024 पर महामहिम राष्ट्रपति की सहमति के बाद 12 मार्च, 2024 को समान नागरिक संहिता उत्तराखण्ड, 2024 अधिनियम पारित हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता अधिनियम की नियमावली आज सौंपी गई है। इस नियमावली में मुख्य रूप से चार भाग है। जिसमें विवाह एवं विवाह-विच्छेद लिव-इन रिलेशनशिप, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण तथा उत्तराधिकार सम्बन्धी नियमों के पंजीकरण संबंधी प्रक्रियाएं उल्लिखित है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मंत्रिमंडल की बैठक में इस अधिनियम को राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए तिथि तय की जायेगी। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। जन सामान्य की सुलभता के दृष्टिगत इस समान नागरिक संहिता के लिए एक पोर्टल तथा मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जिससे कि पंजीकरण, अपील आदि की समस्त सुविधाएं जनसामान्य को ऑनलाइन माध्यम से सुलभ हो सके। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में सबको समान रूप से न्याय मिले। महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विधेयक बना है। जल्द इस अधिनियम को धरातल पर उतारा जायेगा। आजादी के बाद उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बन जायेगा जिसे समान नागरिक संहिता लागू करने का गौरव प्राप्त होगा। इस अवसर पर उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, विशेष सचिव रिद्धम अग्रवाल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

ईरान पर होगा बड़ा हमला, ब्रिटिश ठिकानों पर अमेरिकी बी-2 स्टील्थ बमवर्षकों की तैनाती...

0
नई दिल्ली। अमेरिकी स्टील्थ बमवर्षक विमानों के ब्रिटेन के हवाई अड्डों पर पहुंचने की आशंका बढ़ गई है, ठीक उसी समय जब राष्ट्रपति डोनाल्ड...

यूपीएससी के 10 चमकते चेहरे, किसी ने MBBS की तो कोई है आईआईटीयन

0
नई दिल्ली। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित हो चुका है। राजस्थान के रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने इस परीक्षा में...

चुनाव से पहले भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ तेज, भ्रष्टाचार और कट-मनी के खिलाफ बदलाव...

0
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी की 'परिवर्तन यात्रा' पूरे राज्य में तेजी से आगे बढ़ रही है।...

राज्य कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। उत्तराखंड में सार्वजनिक स्थानों पर जुआ...

केन्द्रीय मंत्री अमित शाह शनिवार को हरिद्वार में ‘जन-जन की सरकार: चार साल बेमिसाल’...

0
देहरादून: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार, 7 मार्च 2026 को हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम ‘जन-जन की सरकार : चार साल बेमिसाल’...