नई दिल्ली। राजग सरकार के तीसरे कार्यकाल में अर्थव्यवस्था को अगले चरण में ले जाने की तैयारी शुरू हो गई है। पहली झलक जुलाई के तीसरे सप्ताह में पेश होने वाले बजट में दिखने जा रही है। बुधवार को बजट के सिलसिले में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के प्रमुख अर्थशास्ति्रयों के साथ बैठक की जिसमें देश को मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने के साथ ग्रेजुएट युवाओं को रोजगार के लायक बनाने के सुझाव दिए गए। सबसे महत्वपूर्ण सुझाव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व रोबोट के बढ़ते इस्तेमाल से रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए रोबोट टैक्स लगाने का दिया गया। अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए घरेलू उद्योगों के संरक्षण पर भी जोर दिया गया। अर्थशास्ति्रयों के सुझावों पर अमल हुआ तो जल्द ही रोबोट टैक्स लग सकता है जिसे लागू करने के लिए दुनिया के कई अन्य देश भी गंभीरता से विचार कर रहे हैं।सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री व वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा में यह बात सामने आई कि ग्रेजुएट बेरोजगार युवाओं को रोजगार के लायक कैसे बनाया जाए। कम पढ़े-लिखे युवा असंगठित सेक्टर में रोजगार के अवसर खोज लेते हैं। ग्रेजुएट युवाओं को रोजगार के लायक बनाने के लिए अप्रेंटिशिप को आकर्षक बनाने की सलाह दी गई।
इस दौरान युवाओं को छात्रवृत्ति दी जा सकती है और उस कुशलता के आधार पर उन्हें नौकरी भी मिल जाएगी।सूत्रों के मुताबिक बैठक में आत्मनिर्भर भारत योजना के दौरान घोषित प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम के फायदे को देखते हुए अब एमएसएमई सेक्टर के लिए भी पीएलआई स्कीम लाने पर चर्चा की गई। ताकि अधिक से अधिक छोटे उद्यमी मैन्यूफैक्चरिंग के लिए आकर्षित हो सके।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में यह भी सुझाव आया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोट के इस्तेमाल से रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव की अनदेखी नहीं की जा सकती है। ऐसे में सरकार को रोबोट टैक्स लगाना चाहिए। एआई के बढ़ते इस्तेमाल से मानव श्रम की कटौती होगी।
अर्थशास्त्री एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयोजक अश्विनी महाजन के मुताबिक एआई और रोबोट का संयम व समझदारी से संतुलित इस्तेमाल उपयोग होना चाहिए। इसलिए इसके इस्तेमाल पर रोबोट टैक्स लगाने की बात की जा रही है ताकि रोबोट टैक्स से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल नौकरी खोने वाले श्रमिकों की कुशलता बढ़ाने पर खर्च हो सके और उन्हें फिर से नौकरी मिल सके।अर्थशास्ति्रयों ने आगामी बजट में घरेलू उद्योगों के संरक्षण के साथ निजी निवेश को और बढ़ाने के उपाए करने के भी सुझाव दिए। आगामी 25 जून तक वित्त मंत्री एवं उनकी टीम उद्योग, किसान संघ, एमएसएमई, ट्रेड यूनियन के साथ बजट की तैयारी को लेकर चर्चा करेंगी।
रोबोट टैक्स से लेकर पीएलआई स्कीम…बजट 2024 पेश करने से पहले इन विषयों पर किया जा रहा विचार
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